श्री चण्डिका मालामन्त्र प्रयोगः September 30, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ श्री चण्डिका मालामन्त्र प्रयोगः ॥ उक्तं चाथर्वणागमसंहितायाम् मंत्रों यथा — “ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ ह्रौं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीर्जयजय चण्डिका चामुण्डे चण्डिके त्रिदश-मुकुट-कोटि-संघट्टित-चरणारविंदे गायत्रि सावित्रि सरस्वति अहिकृताभरणे भैरव-रूप-धारिणि प्रकटित-दंष्ट्रोग्र-वदने घोरानन-नयने ज्वलज्ज्वाला-सहस्र-परिवृते महाट्टहास-धवलीकृत-दिगन्तरे सर्वयुग-परिपूर्णे कपाल-हस्ते गजाजिनोत्तरीय-भूत-वेताल-परिवृते अकंपित-धराधरे मधु-कैटभ महिषासुर-धूम्रलोचन चण्ड-मुण्ड-रक्तबीज-शुम्भनिशुम्भदैत्यनिकृन्ते कालरात्रि महामाये शिवे नित्ये ॐ ऐं ह्रीं ऐन्द्रि आग्नेयि याम्ये नैर्ऋति वारुणि वायवि… Read More
सिद्धिचण्डी महाविद्या सहस्राक्षर मन्त्र September 30, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ सिद्धिचण्डी महाविद्या सहस्राक्षर मन्त्र ॥ वन्दे परागम-विद्यां, सिद्धि-चण्डीं सङ्गिताम् । महा-सप्तशती-मन्त्र-स्वरुपां सर्व-सिद्धिदाम् ॥ विनियोगः- ॐ अस्य सर्व-विज्ञान-महा-राज्ञी-सप्तशती रहस्याति-रहस्य-मयी-परा-शक्ति श्रीमदाद्या-भगवती-सिद्धि-चण्डिका-सहस्राक्षरी-महा-विद्या-मन्त्रस्य श्रीमार्कण्डेय-सुमेधा ऋषि, गायत्र्यादि नाना-विधानि छन्दांसि, नव-कोटि-शक्ति-युक्ता-श्रीमदाद्या-भगवती-सिद्धि-चण्डी देवता, श्रीमदाद्या-भगवती-सिद्धि-चण्डी-प्रसादादखिलेष्टार्थे जपे विनियोगः ।… Read More
भगवती दुर्गा September 30, 2019 | aspundir | 1 Comment ॥ भगवती दुर्गा ॥ एकाक्षर:- भगवती दुर्गा का एकाक्षरी बीजमंत्र “दुं” है । दां दीं दूं दें दौं दः से अङ्गन्यास करे । ॥ अथ अष्टाक्षर मंत्र प्रयोगः ॥ भगवती दुर्गा का अष्टाक्षर मंत्र प्रधान हैं ।… Read More
भगवती गौरी September 30, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ भगवती गौरी ॥ चतुरक्षर मन्त्रः- “ह्रीं भवान्यै नमः” मंत्र के अज ऋषि, छन्द अनुष्टप, देवता गौरी हैं । बालार्काऽभां त्रिनयनां खड्गखेटवराभयान् । दोर्भिदधानां सिंहस्थां भवानीं भावयेत् सदा ॥… Read More
दुर्गाभुवनवर्णनम् September 30, 2019 | aspundir | 1 Comment ॥ दुर्गाभुवनवर्णनम् ॥ ॥ श्री भैरव उवाच ॥ तंत्रादौ देवि वक्ष्येऽहं दुर्गाभुवनमद्भुतम् । जयं नाम महादिव्यं बहुविस्तारविस्तृतम् । नानारत्न समाकीर्णं सूर्यकोटिसमप्रभम् ॥ १७ ॥ इन्द्रगोपकवर्णं च चन्द्रकोटिमनोहरम् । अप्रमेयमसंख्यैयमगम्यं सर्ववादिनाम् ॥ १८ ॥… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 49 September 28, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 49 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनचासवाँ अध्याय शुक्राचार्य द्वारा शिव के उदर में जपे गये मन्त्र का वर्णन, अन्धक द्वारा भगवान् शिव की नामरूपी स्तुति-प्रार्थना, भगवान् शिव द्वारा अन्धकासुर को जीवनदानपूर्वक गाणपत्य पद प्रदान करना ॥ सनत्कुमार उवाच ॥ ॐ नमस्ते देवेशाय सुरासुरनमस्कृताय भूतभव्यमहादेवाय हरितपिगललोचनाय बलाय… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 48 September 28, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 48 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अड़तालीसवाँ अध्याय शुक्राचार्य की अनुपस्थिति से अन्धकादि दैत्यों का दुखी होना, शिव के उदर में शुक्राचार्य द्वारा सभी लोकों तथा अन्धकासुर के युद्ध को देखना और फिर शिव के शुक्ररूप में बाहर निकलना, शिव-पार्वती का उन्हें पुत्ररूप में स्वीकार कर विदा… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 47 September 28, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 47 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सैंतालीसवाँ अध्याय शुक्राचार्य द्वारा युद्ध में मरे हुए दैत्यों को संजीवनी-विद्या से जीवित करना, दैत्यों का युद्ध के लिये पुनः उद्योग, नन्दीश्वर द्वारा शिव को यह वृत्तान्त बतलाना, शिव की आज्ञा से नन्दी द्वारा युद्ध स्थल से शुक्राचार्य को शिव के… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 46 September 28, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 46 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छियालीसवाँ अध्याय भगवान् शिव एवं अन्धकासुर का युद्ध, अन्धक की माया से उसके रक्त से अनेक अन्धकगणों की उत्पत्ति, शिव की प्रेरणा से विष्णु का कालीरूप धारणकर दानवों के रक्त का पान करना, शिव द्वारा अन्धक को अपने त्रिशूल में लटका… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 45 September 28, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 45 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर का शिव की सेना के साथ युद्ध सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] तदनन्तर मदिरा पानकर नेत्रों को घुमाता हुआ मदमत्त गज के समान गतिवाला तथा श्रेष्ठ वीरों के साथ चलनेवाला वह प्रचण्ड वीर बहुत-सी सेना से युक्त हो… Read More