शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय त्रिपुर के विनाश के लिये देवताओं का विष्णु से निवेदन करना, विष्ण द्वारा त्रिपुर-विनाश के लिये यज्ञकुण्ड से भूतसमुदाय को प्रकट करना, त्रिपुर के भय से भूतों का पलायित होना, पुनः विष्णु द्वारा देवकार्य की सिद्धि के लिये उपाय… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 02 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः दूसरा अध्याय तारकपुत्रों से पीड़ित देवताओं का ब्रह्माजी के पास जाना और उनके परामर्श के अनुसार असुर-वध के लिये भगवान् शंकर की स्तुति करना व्यासजी बोले — हे ब्रह्मपुत्र ! हे महाप्राज्ञ ! हे वक्ताओं में श्रेष्ठ ! अब मुझे बताइये… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 01 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पहला अध्याय तारकासुर के पुत्र तारकाक्ष, विद्युन्माली एवं कमलाक्ष की तपस्या से प्रसन्न ब्रह्मा द्वारा उन्हें वर की प्राप्ति, तीनों पुरों की शोभा का वर्णन नारदजी बोले — [हे ब्रह्मन्!] हमने गणेश तथा स्कन्द की सत्कथा से समन्वित गृहस्थ शिवजी के… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 20 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बीसवाँ अध्याय प्रजापति विश्वरूप की सिद्धि तथा बुद्धि नामक दो कन्याओं के साथ गणेशजी का विवाह तथा उनसे ‘क्षेम’ तथा ‘लाभ’ नामक दो पुत्रों की उत्पत्ति, कुमार कार्तिकेय का पृथ्वी की परिक्रमाकर लौटना और क्षुब्ध होकर क्रौंचपर्वत पर चले जाना, कुमारखण्ड… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 19 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उन्नीसवाँ अध्याय स्वामिकार्तिकेय और गणेश की बाल-लीला, विवाह के विषय में दोनों का परस्पर विवाद, शिवजी द्वारा पृथ्वी-परिक्रमा का आदेश, कार्तिकेय का प्रस्थान, बुद्धिमान् गणेशजी का पृथ्वीरूप माता-पिता की परिक्रमा और प्रसन्न शिवा-शिव द्वारा गणेश के प्रथम विवाह की स्वीकृति नारदजी… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 18 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अठारहवाँ अध्याय पार्वती द्वारा गणेश को वरदान, देवों द्वारा उन्हें अग्रपूज्य माना जाना, शिवजी द्वारा गणेश को सर्वाध्यक्षपद प्रदान करना, गणेशचतुर्थीव्रतविधान तथा उसका माहात्म्य, देवताओं का स्वलोक-गमन नारदजी बोले — हे प्रजेश्वर ! जब गिरिजा ने अपने पुत्र को जीवित देख… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 17 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सत्रहवाँ अध्याय पुत्र के वध से कुपित जगदम्बा का अनेक शक्तियों को उत्पन्न करना और उनके द्वारा प्रलय मचाया जाना, देवताओं और ऋषियों का स्तवन द्वारा पार्वती को प्रसन्न करना, शिवजी के आज्ञानुसार हाथी का सिर लाया जाना और उसे गणेश… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 16 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सोलहवाँ अध्याय विष्णु तथा गणेश का युद्ध, शिव द्वारा त्रिशूल से गणेश का सिर काटा जाना ब्रह्माजी बोले — हे नारद ! यह सुनकर भक्तों के ऊपर कृपा करनेवाले महेश्वर ने आपके कहने से उस बालक के साथ युद्ध करने की… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 15 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पन्द्रहवाँ अध्याय गणेश तथा शिवगणों का भयंकर युद्ध, पार्वती द्वारा दो शक्तियों का प्राकट्य, शक्तियों का अद्भुत पराक्रम और शिव का कुपित होना ब्रह्माजी बोले — जब सर्वव्यापक शिवजी ने अपने गणों से इस प्रकार कहा, तब उन्होंने युद्ध का निश्चय… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 14 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौदहवाँ अध्याय द्वाररक्षक गणेश तथा शिवगणों का परस्पर विवाद ब्रह्माजी बोले — तब उन गणों ने क्रुद्ध हो शिवजी की आज्ञा से वहाँ जाकर उन द्वारपाल गिरिजापुत्र से पूछा ॥ १ ॥ शिवगण बोले — तुम कौन हो, कहाँ से आये… Read More