श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-047 October 8, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-047 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ सैंतालीसवाँ अध्याय भगवान् विष्णु द्वारा बौद्धरूप धारणकर काशीनिवासियों को उपदेश प्रदान करना, काशी में अधर्माचरण की वृद्धि, भगवान् विष्णु का अपने चतुर्भुजरूप में दिवोदास को दर्शन देना और अनेक वर प्रदान करना तथा शिव के काशी-आगमन के लिये दूत द्वारा सन्देश भेजना, दिवोदास द्वारा काशी का राज्य त्यागकर तपस्या में… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-046 October 8, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-046 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ छियालीसवाँ अध्याय भगवान् शिव द्वारा ढुण्ढिराज गणेश से काशी जाने की प्रार्थना करना, दुण्डिराज का एक मायावी ज्योतिषी के रूप में काशी जाना तथा वहाँ के स्त्री-पुरुषों एवं राजा दिवोदास को भी अपनी भविष्यवाणियों से मोहित करना अथः षट्चत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते ज्योतिर्विद्रूपदर्शनं मुनि गृत्समद बोले — अविमुक्तक्षेत्र काशी के वियोग से… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-045 October 7, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-045 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ पैंतालीसवाँ अध्याय शंकरजी का सभी देवताओं को लेकर मन्दरगिरि पर जाना, राजा दिवोदास का काशी में राज्य करना, भगवान् शिव का दिवोदास के विकार देखने के लिये देवताओं तथा ऋषियों को काशी भेजना, किंतु दिवोदास को निर्विकार देखकर उन सभी का काशी में स्थित हो जाना, फलस्वरूप शिव का काशीदर्शन… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-044 October 7, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-044 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ चौवालीसवाँ अध्याय मुनि गृत्समद द्वारा रानी कीर्ति से विनायकदेव की महिमा का कथन, काशी में राजा दिवोदास के राज्य-शासन का वर्णन अथः चतुश्चत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते दिवोदासोपाख्यानं कीर्ति बोली — [हे मुने!] आपने दैत्य दुरासद के वध के लिये तथा तीनों लोकों के पालन के लिये अवतरित हुए शक्तिपुत्र दुण्ढिराज की कथा… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-043 October 7, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-043 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ तैंतालीसवाँ अध्याय देवताओं तथा मुनियों द्वारा दुण्ढिराज गणेश तथा छप्पन विनायकों की स्तुति तथा पूजा का वर्णन अथः त्रिचत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते ढुण्डिराजाख्यानं गृत्समद बोले — गणेशजी द्वारा उस दैत्य दुरासद पर विजय प्राप्त कर लेने के अनन्तर आठों दिक्पाल, मुनिगण, चन्द्रमा, सूर्य, देवगुरु बृहस्पति तथा शुक्राचार्य — ये सभी दुरासद के… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-042 October 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-042 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ बयालीसवाँ अध्याय दैत्य दुरासद द्वारा पुनः विनायक से युद्ध, विनायक द्वारा अपने तेज से छप्पन विनायकों को प्रकट करना, विनायकों द्वारा सम्पूर्ण सेना के मारे जाने पर दुरासद द्वारा भगवान् शंकर से प्राप्त वरदान का स्मरण करना, विनायक द्वारा योगबल से विराट् रूप धारणकर एक पैर काशी में तथा दूसरा… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-041 October 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-041 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ इकतालीसवाँ अध्याय विनायकदेव और दैत्य दुरासद का युद्ध, भयभीत दैत्य दुरासद का युद्धक्षेत्र से वापस लौटना अथः एकचत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते श्रीगणेशदुरासदयुद्धवर्णनं ब्रह्माजी बोले — इस प्रकार देवी पार्वती तथा देवताओं के द्वारा भगवान् विनायक की स्तुति-प्रशंसा की जाने के अनन्तर गणेशजी बड़े ही प्रेमपूर्वक देवी पार्वती को प्रणाम करके प्रसन्न होकर… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-040 October 5, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-040 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ चालीसवाँ अध्याय दुरासददैत्य के वध का निवेदन करने के लिये देवताओं तथा ऋषियों का केदारक्षेत्र में भगवान् शिव एवं पार्वती के पास जाना, देवों द्वारा भगवती की स्तुति, भगवती के मुखमण्डल से गजानन का प्राकट्य, देवी का उनका ‘वक्रतुण्ड’ नाम रखना अथः चत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते विनायकावतरणं गृत्समद बोले — तदनन्तर देवगुरु… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-039 October 5, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-039 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ उनतालीसवाँ अध्याय भस्मासुरपुत्र दुरासद द्वारा भूमण्डल तथा देवलोक में विजय प्राप्त करना, भस्मासु रका शिव से वरदान प्राप्त करना, मोहिनीरूप भगवान् विष्णु की युक्ति से उसका भस्म होना, अविमुक्तक्षेत्र काशीपुरी में आना, दुरासद के अत्याचारों का वर्णन अथः एकोनचत्वारिंशोऽध्यायः बालचरिते दुरासदोपाख्यानं मुनि गृत्समद बोले — तदनन्तर भगवान् शिव के द्वारा… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-038 October 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-038 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अड़तीसवाँ अध्याय रानी कीर्ति के पुत्र को महर्षि गृत्समद द्वारा गणेशजी के ‘दुण्ढिराज’ नामक चतुरक्षर मन्त्र का उपदेश, ढुण्डिराज गणेश का माहात्म्य, काशीविश्वनाथ तथा गंगाजी की महिमा, भस्मासुरपुत्र दुरासद द्वारा शंकरजी की आराधना और वरप्राप्ति अथः अष्टतत्रिंशोऽध्यायः बालचरिते दुरासदवरप्राप्तिवर्णनं कीर्ति बोली — हे ब्रह्मन् ! आपने शमी की महिमा का… Read More