टोना झारने के मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | 2 Comments टोना झारने के मन्त्र (१) “मन्त्रा-तन्त्रा की ऐसी – तैसी, पारबती के मन्त्रा वैसी । जिहाँ पठाऊँ, तिहाँ तैं जाय, फोर करेजा भीतर खाय । काली कमाख्या का नाम है, पार्वती का काम है । आ रे ! टोनही के टोना जादू पाँगन होखे तो फिर जाबे । मोर फूकें, मोर गुरू के फूकें ।… Read More
गर्भ-स्तम्भन मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | Leave a comment गर्भ-स्तम्भन मन्त्र मन्त्रः- “गौरी गण्डा दे गई, ईश्वर दे गया वाचा । महा – देव थापा घर गया, शब्द भया साँचा । दथ त्रिया की चिन्ता, मेरी दश मांस । बाँधु बीस पाख, बाँधु उसका पैर । गर्भ खिसके, तो गुरू गोरखनाथ की दुहाई । मेरी शक्ति, गुरू की शक्ति, सत्-नाम आदेश गुरू की ।”… Read More
भूत-प्रेत बाँधने के मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | Leave a comment भूत-प्रेत बाँधने के मन्त्र (१) “बडका ताल के पेड़ माँ बँधाय जञ्जीरा । खाले माँ बाजे झाँझ-मँजीरा और बाजे तबला निशान । भाग-भाग रे भूत – मसान, पहुँचत है पञ्च-मुखा हनुमान । मोर फूँकें, मोर गुरू के फूँकें । गौरा महा-देव के फूँकें । जा रे, भूत बँधा जा ।… Read More
टोना लगाने का मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | 4 Comments टोना लगाने का मन्त्र अगर किसी शत्रु के ऊपर टोना लगाना हो, तो निम्न लिखित मन्त्र को २१ बार नींबू के ऊपर पढ़कर चाकू से नींबू काटकर शत्रु के घर में फेंक दें । इससे शत्रु प्रताड़ित होगा । ‘अमुक’ की जगह शत्रु का नाम लेना चाहिए ।… Read More
शत्रु-पीड़ा-कारक मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | 1 Comment शत्रु-पीड़ा-कारक मन्त्र विधि — पहले किसी मङ्लवार को हनुमान मन्दिर में जाकर तेल, सिन्दूर, लाल फूल चढ़ाए । गुड का भोग लगाकर १०८ बार उक्त मन्त्र का जप करे । प्रयोग के समय मङ्गलवार की आधी रात को उक्त मन्त्र द्वारा हनुमान जी को लाल वस्त्र, चने की दाल, गुड का भोग लगाए । फिर… Read More
शत्रु-स्तम्भन मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | Leave a comment शत्रु-स्तम्भन मन्त्र मन्त्रः- “जल बाँधु, जल-वायु बाँधु । बाँधु जल के तीर । पाँचो काला कलवा बाँधों । बाँधु हनुमन्त वीर ! सहदेव तेरी लाकड़ी, अर्जुन तेरो बाण । ‘अमुक’ की गति थाम दे, यति हनुमत की आन । शब्द साँचा-पिण्ड काँचा, मेरे गुरू का इल्म साँचा । फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा । दुहाई गोरख-… Read More
बैरी-नाशन मन्त्र January 16, 2016 | aspundir | Leave a comment छत्तीसगढ के अनुभूत शाबर मन्त्र बैरी-नाशन मन्त्र विधि — एक निम्बू, (२) एक नारियल, (३) चुटकी भर सिन्दूर, (४) काले कपड़े का टुकड़ा, (५) बबूल के सात कांटे । अमा-वस्या के दिन उक्त मन्त्र का १०८ बार जप कर ११ बार गूगुल की धूप दें । फिर निम्बू पर शत्रु का नाम सिन्दूर से लिखकर,… Read More
असावरी देवी का शाबर मन्त्र January 15, 2016 | aspundir | Leave a comment असावरी देवी का शाबर मन्त्र ‘शाबर’ का एक विशेष अङ्ग ‘असावरी देवी’ है । इनको बिना पूजे ‘शाबर’ का काम पूरा होना कठिन हो जाता है । इसे लोग ‘झुमरी शाबर’ कहते हैं । यह ‘झुमरी शाबर’ भजन के ढङ्ग से धीमे स्वर में गाकर काम में लाया जाता है । महिलाएँ प्राय: इसे जाँता… Read More
इत्र-मोहिनी January 15, 2016 | aspundir | Leave a comment इत्र-मोहिनी मन्त्रः- “काला भैंरु, बावन वीर, पर-त्रिया से कर दे सीर । पर-त्रिया छ: अगन कँवारी, पर जोबन में लागे प्यारी । चम्पा के फुल जू आवे बास, घर का धणी की छोड़ दे आस । कपड़ा से बाद भरावे, अङ्ग से अङ्ग मिलावे । तीजी घड़ी-तीजी शाद । अङ्ग से अङ्ग न मिलावे, तो… Read More
रक्षा मन्त्र January 15, 2016 | aspundir | Leave a comment रक्षा मन्त्र मन्त्रः- “बांएँ हुसैन, दाहिने नदी । पीठ पे अली, सर पे खुदा । तेरी पनाह, तेरी पनाह, तेरी पनाह ।”… Read More