शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 07 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 07 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सातवाँ अध्याय महर्षि मेधातिथि की यज्ञाग्नि में सन्ध्या द्वारा शरीरत्याग, पुनः अरुन्धती के रूप में यज्ञाग्नि से उत्पत्ति एवं वसिष्ठमुनि के साथ उसका विवाह ब्रह्माजी बोले — इस प्रकार भगवान् सदाशिव जब सन्ध्या को वर प्रदानकर अन्तर्धान हो गये, तब सन्ध्या… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 06 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 06 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छठा अध्याय सन्ध्या द्वारा तपस्या करना, प्रसन्न हो भगवान् शिव का उसे दर्शन देना, सन्ध्या द्वारा की गयी शिवस्तुति, सन्ध्या को अनेक वरों की प्राप्ति तथा महर्षि मेधातिथि के यज्ञ में जाने का आदेश प्राप्त होना ब्रह्माजी बोले — हे पुत्रवर… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 05 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय ब्रह्मा की मानसपुत्री कुमारी सन्ध्या का आख्यान सूतजी बोले — हे महर्षियो ! ब्रह्माजी के इस वचन को सुनकर मुनिश्रेष्ठ [नारद] प्रसन्नचित्त होकर शंकरजी का स्मरण करके आनन्दपूर्वक कहने लगे — ॥ १ ॥… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 04 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय कामदेव के विवाह का वर्णन नारदजी बोले — हे विष्णुशिष्य ! हे महाप्राज्ञ ! हे विधे ! संसार की रचना करनेवाले हे प्रभो ! आपने शिवजी की लीलारूपी अमृत से युक्त यह अद्भुत कथा कही ॥ १ ॥ हे… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 03 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय कामदेव को विविध नामों एवं वरों की प्राप्ति, काम के प्रभाव से ब्रह्मा तथा ऋषिगणों का मुग्ध होना, धर्म द्वारा स्तुति करने पर भगवान् शिव का प्राकट्य और ब्रह्मा तथा ऋषियों को समझाना, ब्रह्मा तथा ऋषियों से अग्निष्वात्त आदि… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 02 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 02 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः दूसरा अध्याय सदाशिव से त्रिदेवों की उत्पत्ति, ब्रह्माजी से देवता आदि की सृष्टि के पश्चात् देवी सन्ध्या तथा कामदेव का प्राकट्य सूतजी बोले — हे नैमिषारण्यनिवासी मुनियो ! [ब्रह्मा के] इस वचनको सुनकर नारद ने पुनः पापों को नष्ट करनेवाली कथा… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 01 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [द्वितीय-सतीखण्ड] – अध्याय 01 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पहला अध्याय सती चरित्र वर्णन, दक्षयज्ञविध्वंस का संक्षिप्त वृत्तान्त तथा सती का पार्वतीरूप में हिमालय के यहाँ जन्म लेना नारदजी बोले — हे विधे ! भगवान् शंकर की कृपा से आप सब कुछ जानते हैं । आपने शिव और पार्वती की… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 20 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 20 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बीसवाँ अध्याय भगवान् शिव का कैलास पर्वत पर गमन तथा सृष्टिखण्ड का उपसंहार ब्रह्माजी बोले — हे नारद ! हे मुने ! कुबेर के तपोबल से भगवान् शिव का जिस प्रकार पर्वतश्रेष्ठ कैलास पर शुभागमन हुआ, वह प्रसंग सुनिये ॥ १… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 19 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 19 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उन्नीसवाँ अध्याय कुबेर का काशीपुरी में आकर तप करना, तपस्या से प्रसन्न उमासहित भगवान् विश्वनाथ का प्रकट हो उसे दर्शन देना और अनेक वर प्रदान करना, कुबेर द्वारा शिवमैत्री प्राप्त करना ब्रह्माजी बोले — पहले के पाद्मकल्प की बात है, मुझ… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 18 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [प्रथम-सृष्टिखण्ड] – अध्याय 18 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अठारहवाँ अध्याय शिवमन्दिर में दीपदान के प्रभाव से पापमुक्त होकर गुणनिधि का दूसरे जन्म में कलिंगदेश का राजा बनना और फिर शिवभक्ति के कारण कुबेर पद की प्राप्ति ब्रह्माजी बोले — उन वृत्तान्तों को सुनकर वह दीक्षितपुत्र अपने भाग्य की निन्दा… Read More