December 11, 2025 | aspundir | Leave a comment ॥ श्रीगणेशन्यास ॥ सर्वविध रक्षा के लिये ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ आचम्य प्राणायामं कृत्वा । दक्षिणहस्ते वक्रतुण्डाय नमः । वामहस्ते शूर्पकर्णाय नमः । ओष्ठे विघ्नेशाय नमः । सम्पुटे गजाननाय नमः । दक्षिणपादे लम्बोदराय नमः । वामपादे एकदन्ताय नमः । शिरसि एकदन्ताय नमः । चिबुके ब्रह्मणस्पतये नमः । दक्षिणनासिकायां विनायकाय नमः । वामनासिकायां ज्येष्ठराजाय नमः । दक्षिणनेत्रे विकटाय नमः । वामनेत्रे कपिलाय नमः । दक्षिणकर्णे धरणीधराय नमः। वामकर्णे आशापूरकाय नमः । नाभौ महोदराय नमः । हृदये धूम्रकेतवे नमः । ललाटे मयूरेशाय नमः । दक्षिणबाहौ स्वानन्दवासकारकाय नमः । वामबाहौ सच्चित्सुखधाम्ने नमः । ॥ इति मुद्गलपुराणे गणेशन्यासः समाप्तः ॥ श्रीगणेशाय नमः — आचमन और प्राणायाम करने के पश्चात् दाहिने हाथ में ‘वक्रतुण्डाय नमः’ – इस मन्त्र को बोलकर वक्रतुण्ड का न्यास करे। बायें हाथ में ‘शूर्पकर्णाय नमः’ – इस मन्त्र से शूर्पकर्ण का, ओष्ठ में ‘विघ्नेशाय नमः’—इस मन्त्र से विघ्नेश का, दोनों ओष्ठों के बंद सम्पुट में ‘गजाननाय नमः ‘ – इस मन्त्र से गजानन का, दाहिने पैर में ‘लम्बोदराय नमः’—इस मन्त्र से लम्बोदर का और बायें पैर में ‘एकदन्ताय नमः’ से एकदन्त का न्यास करे। सिर में भी इसी मन्त्र से एकदन्त का, चिबुक (ठोढ़ी) — में ‘ब्रह्मणस्पतये नमः’ – इस मन्त्र से ब्रह्मणस्पति का, दाहिनी नासिका में ‘विनायकाय नमः ‘ — इस मन्त्र से विनायक का, बायीं नासिका में ‘ज्येष्ठराजाय नमः ‘ — इस मन्त्र से ज्येष्ठराज का, दाहिने नेत्र में ‘विकटाय नमः ‘ — इस मन्त्र से विकट का, बायें नेत्र में ‘कपिलाय नमः ‘ — इस मन्त्र से कपिल का, दाहिने कान में ‘धरणीधराय नमः ‘ – इस मन्त्र से धरणीधर का, बायें कान में ‘आशापूरकाय नमः ‘ — इस मन्त्र से आशापूरक का, नाभि में ‘महोदराय नमः’ – इस मन्त्र से महोदर का, हृदय में ‘धूम्रकेतवे नमः’—इस मन्त्र से धूम्रकेतु का, ललाट में ‘मयूरेशाय नमः ‘ – इस मन्त्र से मयूरेश का, दाहिनी बाँह में ‘स्वानन्दवासकारकाय नमः’ —इस मन्त्र से स्वानन्दवासकारक का तथा बायीं बाँह में ‘सच्चित्सुखधाम्ने नमः’— — इस मन्त्र से सच्चित्सुखधामका न्यास करे । ॥ इस प्रकार मुद्गलपुराण में ‘गणेशन्यास’ पूरा हुआ ॥ See Also- ॥ गणेशमातृका न्यासः ॥ Please follow and like us: Related Discover more from Vadicjagat Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe