अर्जुन बने अर्जुनी- निकुञ्ज लीला अर्जुन बने अर्जुनी- निकुञ्ज लीला एक समय यमुनाजी के तट पर किसी वृक्ष के नीचे भगवान् देवकीनन्दन के पार्षद अर्जुन बैठे थे, उन्होंने कथाप्रसंग में ही भगवान् से प्रश्न किया — हे दयासागर प्रभो ! श्रीशिव तथा ब्रह्माजी आदि ने भी आपके जिस रहस्य का दर्शन अथवा श्रवण न किया हो, उसी का मुझसे वर्णन… Read More
राधामाधव प्रातः स्तवराज ॥ राधामाधव प्रातः स्तवराज ॥ प्रातः स्मरामि युगकेलिरसाभिषिक्तं वृन्दावनं सुरमणीयमुदारवृक्षम् । सौरीप्रवाहवृतमात्मगुणप्रकाशं युग्माङ्घ्रिरेणुकणिकाञ्चितसर्वसत्त्वम् ॥ १ ॥ जहाँपर सगुण हुए परमात्मा के दिव्य लीलागुणों का प्रकाश हुआ है, जो यमुनाजी के जलप्रवाह से आवेष्टित, अतीव रमणीय तथा वांछित फल देनेवाले वृकषों से समन्वित है और जिसमें अवस्थित सकल प्राणिसमुदाय युगल-स्वरूप की चरण-धूलिसे परिपूत है । राधामाधव-युगल… Read More
श्रीराधा-माधवप्रेम की प्राप्ति के लिये श्रीराधा-माधवप्रेम की प्राप्ति के लिये साधक भक्त स्नान करने के बाद श्रीराधामाधव-प्रेमप्राप्ति के लिये सर्वप्रथम भगवान् श्रीराधामाधव के युगलस्वरूपवाले किसी मनभावन चित्रपट को सामने रखकर उसका पंचोपचार पूजन करे, तत्पश्चात् शुद्ध वस्त्र धारणकर, शुद्ध आसन पर बैठकर श्रीमद्भागवत के निम्नलिखित चारों श्लोकों (१०। ३३ । २२-२५)-को, श्रीमद्भागवत के ही निम्नलिखित (१० । ३३ । ४०)… Read More
श्रीकृष्ण स्तोत्रम् – भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा तथा दिव्य प्रेम की प्राप्ति के लिये भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा तथा दिव्य प्रेम की प्राप्ति के लिये निम्नलिखित स्तोत्र माहेश्वरतन्त्र के ४७वें पटल से दिया जा रहा है । इस स्तोत्र की विशेषता क्या है – इस विषय में पार्वतीजी प्रश्न करती है कि – ॥ श्रीकृष्ण स्तोत्रम् ॥ ॥ पार्वत्युवाच ॥ भगवन् श्रोतुमिच्छामि यथा कृष्णः प्रसीदति । विना जपं विना… Read More
जाने मूक प्रश्न – अंक ज्योतिष जाने मूक प्रश्न – अंक ज्योतिष मूक-प्रश्न का अर्थ है, प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्नों को उच्चारित किए बिना ही ज्योतिर्विद् द्वारा उसे जान लेना । इस प्रकार इसमें प्रश्नकर्ता ‘मूक’ रहकर अर्थात् बिना बोले प्रश्न करता है । ज्योतिर्विद् एक प्रकार से उसके मस्तिष्क को पढ़कर प्रश्न की जानकारी प्राप्त करता है । प्रश्न ज्योतिष में… Read More
श्रीराधा-षडक्षरी महाविद्या की उपासना श्रीराधा-षडक्षरी महाविद्या की उपासना षडक्षरी महाविद्या-उपासनाके अन्तर्गत श्रीराधा-सम्बन्धी मन्त्र, ध्यान, पूजा-विधान और कवच आदि का यथाक्रम विवरण नारदपंचरात्र के द्वितीय रात्रि विभाग में तीसरे, चौथे और पाँचवें अध्याय में उपलब्ध होता है । श्रीशंकरजी का नारद के प्रति कथन है कि ‘श्रीराधा| [श्रीकृष्ण के] प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं ।’ ‘प्राणाधिष्ठात्री या देवी राधारूपा च… Read More
दैनिक भविष्यफल : अंक ज्योतिष दैनिक भविष्यफल : अंक ज्योतिष दैनिक अंक निकालने की विधि 1. जन्मतिथि, 2. जन्म महीना, 3. वर्तमान वर्ष, 4. वर्तमान महीना, 5. वर्तमान तिथि (जिस तिथि का भविष्य जानना है, वह दिनांक)। उपर्युक्त सभी को जोड़कर इसका मूलांक बना लें । यही दैनिक अंक होगा । उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति की जन्मतिथि 03-12-1994 है… Read More
श्रीकृष्ण के विभिन्न मन्त्र ॥ श्रीकृष्ण के विभिन्न मन्त्र ॥ * द्वादशाक्षर मन्त्र- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।” (जप-संख्या–१२ लाख) * बालगोपाल अष्टाक्षर मन्त्र- “ॐ गोकुलनाथाय नमः ।” * बालगोपालमन्त्र – (१) ‘ॐ क्लीं कृष्ण क्लीं नमः ।’ (२) ‘ॐ क्लीं कृष्ण क्लीं ।’ * बालगोपाल के अट्ठारह प्रसिद्ध मन्त्र –… Read More
भैरव शाबर मन्त्र भैरव शाबर मन्त्र प्रयोग 1 — निम्न मन्त्र की सिद्धि के लिए किसी भैरव मन्दिर या शिव मन्दिर में मंगलवार या शनिवार के दिन 11 बजे रात्रि के बाद पूरब या उत्तर दिशा में मुंह करके लाल या काला आसन लगाकर पहले भैरव देव की षोडशोपचार पूजा करें । इसके बाद गुड़ से बनी खीर,… Read More
जानें खोई हुई वस्तु – अंक ज्योतिष से जानें खोई हुई वस्तु – अंक ज्योतिष से सेफेरियल ने खोई हुई वस्तु के सम्बन्ध में अंक-ज्योतिष की एक विधि का उल्लेख किया है । वस्तुतः यह विधि मूक-प्रश्न की भाँति है । इस प्रकार इस विधि में भी पृच्छक से 0 से 9 अंक 9 बार पूछकर लिखने हैं और उन अंकों के योगफल… Read More