दाम्पत्य जीवन से जुड़े शुभाशुभ स्वप्न दाम्पत्य जीवन से जुड़े शुभाशुभ स्वप्न स्वप्न में जीवन हे हर क्षेत्र के विषय में शुभाशुभ संकेत मिलते हैं । स्वप्नों में दाम्पत्य जीवन के विषय में भी जाना जा सकता हैं । किसी व्यक्ति का किसी व्यक्ति का दाम्पत्य जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा अथवा क्लेशमय रहेगा ? क्या आपका विवाह शीघ्र होने वाला है… Read More
ग्रह बाधा के पूर्व संकेत ग्रह बाधा के पूर्व संकेत ग्रह अपना शुभाशुभ प्रभाव गोचर एवं दशा-अन्तर्दशा-प्रत्यन्तर्दशा में देते हैं । जिस ग्रह की दशा के प्रभाव में हम होते हैं, उसकी स्थिति के अनुसार शुभाशुभ फल हमें मिलता है । जब भी कोई ग्रह अपना शुभ या अशुभ फल प्रबल रुप में देने वाला होता है, तो वह कुछ… Read More
नवग्रह शांतिदायक टोटके नवग्रह शांतिदायक टोटके सूर्यः- १॰ सूर्यदेव के दोष के लिए खीर का भोजन बनाओ और रोजाना चींटी के बिलों पर रखकर आवो और केले को छील कर रखो । २॰ जब वापस आवो तभी गाय को खीर और केला खिलाओ । ३॰ जल और गाय का दूध मिलाकर सूर्यदेव को चढ़ावो। जब जल चढ़ाओ, तो… Read More
शनि साढ़े-साती निवारण शनि साढ़े-साती निवारण १॰ किसी छोटे मिट्टी के बर्तन में या मोटा मजबूत कपड़े में २५० ग्राम तम्बाकू (बनाकर या बना हुआ खरीद कर) तथा ५०० ग्राम तेल डालकर उस बर्तन या कपड़े में नीचे एक छोटा-सा छेद करें तथा उसको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर बाँध दें । फिर ५ सप्ताह तक… Read More
त्रिखल जन्म दोष क्या है ? त्रिखल जन्म दोष क्या है ? जब किसी स्त्री के तीन लड़कियों के बाद लड़के का जन्म हो या तीन लड़कों के पश्चात् लड़की का जन्म हो तो ‘त्रिखल’ नामक दोष होता है । पुत्र जन्म हो तो पिता को भय, बीमारी और धन हानि होती है । पुत्री के जन्म होने से माता के… Read More
ज्योतिष के परिप्रेक्ष्य में शाबर मन्त्र ज्योतिष के परिप्रेक्ष्य में शाबर मन्त्र शाबर मन्त्रों के सम्बन्ध में कुछ लोग यह कहते हैं कि उन्होंने शाबर-मन्त्र ‘जप’ कया, किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ । वास्तव में ‘मन्त्र-सिद्धि’ न हो, तो जप दो बार या तीन बार करना चाहिए । फिर भी मन्त्र-सिद्धि न हो, तो उसके लिए अन्य कारणों को खोजना चाहिए… Read More
श्रीरामचरितमानस में स्वप्न अभिधारणा श्रीरामचरितमानस में स्वप्न अभिधारणा प्रायः हर व्यक्ति स्वप्न देखता है । स्वप्न व्यक्ति को निद्रित अवस्था में ही आते हैं । निद्रा अवस्था में मन सुषुम्ना में प्रवेश कर जाता है, लेकिन देह की सभी क्रियाएँ निरन्तर जारी रहती है । हर संस्थान अपना कार्य करता है । तभी तो निद्रित अवस्था में मच्छर आदि… Read More
कुत्ते का महत्त्व कुत्ते का महत्त्व 21वीं सदी में शकुन की बात करना पिछड़ापन-सा अवश्य लगता है, किन्तु जो परम्परा और रिवाज हमारे समाज में शताब्दियों से चली आ रही है, वे वैज्ञानिक मान्यता के बिना भी अपना वजूद कायम रखे हैं । हमारे देश में ज्योतिष को बहुत महत्त्व दिया जाता है, किन्तु महिलाओं में ‘सूण-सायण’ एक… Read More
हनुमान् ज्योतिष हनुमान् ज्योतिष विधिः- जिज्ञासु को स्नानादि से शुद्ध होकर “ॐ रां रामाय नमः” मन्त्र का ११ बार जप कर “ॐ हनुमते नमः” का जप करना चाहिए । उसके बाद सम्पूर्ण राम दरबार का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर तर्जनी अंगुली घुमाते एवं मन-ही-मन अपने प्रश्न को दोहराते हुए किसी एक कोष्ठक पर अंगुली रोक… Read More
काल गणना काल गणना भारतीय ज्योतिष में काल गणना की सबसे छोटी इकाई ‘निमेष’ है तथा सबसे बड़ी इकाई ‘ब्रह्मायु’ है, जिसका मान 31,10,40,00,00,00,000 मानव वर्ष के बराबर है। इनका विभाजन इस प्रकार किया गया है। कोमलातिकोमल कमल दल में एक तीक्ष्ण सुई के भेदन में जितना समय लगता है, उसका नाम ‘त्रुटि’ है।… Read More