श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-12 April 22, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-12 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-द्वादशोऽध्यायः बारहवाँ अध्याय देवी के अट्टहास से भयभीत होकर ताम्र का महिषासुर के पास भाग आना, महिषासुर का अपने मन्त्रियों के साथ पुनः विचार-विमर्श तथा दुर्धर, दुर्मुख और बाष्कल की गर्वोक्ति देवीपराजयकरणाय दुर्धरप्रबोधवचनम् व्यासजी बोले — उस ताम्र की वह… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-11 April 22, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-11 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-एकादशोऽध्यायः ग्यारहवाँ अध्याय महिषासुर का अपने मन्त्रियों से विचार-विमर्श करना और ताम्र को भगवती के पास भेजना ताम्रकृतं देवीं प्रति विस्रंसनवचनवर्णनम् व्यासजी बोले — मन्त्री की यह बात सुनकर मदोन्मत्त राजा महिषासुर अपने वयोवृद्ध मन्त्रियों को बुलाकर उनसे यह वचन… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-10 April 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-10 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-दशमोऽध्यायः दसवाँ अध्याय देवी द्वारा महिषासुर के अमात्य को अपना उद्देश्य बताना तथा अमात्य का वापस लौटकर देवी द्वारा कही गयी बातें महिषासुर को बताना मन्त्री द्वारा महिषासुरेण देव्या सह विवाहप्रस्तावः व्यासजी बोले — हे महाराज ! उसकी यह बात… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-09 April 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-09 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-नवमोऽध्यायः नौवाँ अध्याय देवताओं द्वारा भगवती को आयुध और आभूषण समर्पित करना तथा उनकी स्तुति करना, देवी का प्रचण्ड अट्टहास करना, जिसे सुनकर महिषासुर का उद्विग्न होकर अपने प्रधान अमात्य को देवी के पास भेजना महिषमन्त्रिणा देवीवार्तावर्णनम् व्यासजी बोले —… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-08 April 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-08 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-अष्टमोऽध्यायः आठवाँ अध्याय ब्रह्माप्रभृति समस्त देवताओं के शरीर से तेजःपुंज का निकलना और उस तेजोराशि से भगवती का प्राकट्य देव्याः स्वरूपोद्भववर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजन् ! उन देवताओं ने शीघ्रतापूर्वक भगवान् विष्णु के प्रिय धाम वैकुण्ठ में पहुँचकर वहाँ… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-07 April 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-07 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-सप्तमोऽध्यायः सातवाँ अध्याय महिषासुर को अवध्य जानकर त्रिदेवों का अपने-अपने लोक लौट जाना, देवताओं की पराजय तथा महिषासुर का स्वर्ग पर आधिपत्य, इन्द्र का ब्रह्मा और शिवजी के साथ विष्णुलोक के लिये प्रस्थान शङ्करशरणगमनवर्णनम् व्यासजी बोले – [ हे महाराज… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-06 April 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-06 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-षष्ठोऽध्यायः छठा अध्याय भगवान् विष्णु और शिव के साथ महिषासुर का भयानक युद्ध महिषासुरस्येन्द्रादिदेवैः सह युद्धवर्णनम् व्यासजी बोले — इस प्रकार दानव ताम्र के मूर्च्छित हो जाने पर महिषासुर कुपित हो गया और एक विशाल गदा लेकर देवताओं के समक्ष… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-05 April 20, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-05 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-पञ्चमोऽध्यायः पाँचवाँ अध्याय इन्द्र का ब्रह्मा, शिव और विष्णु के पास जाना, तीनों देवताओं सहित इन्द्र का युद्धस्थल में आना तथा चिक्षुर, बिडाल और ताम्र को पराजित करना दैत्यसैन्यपराजयः व्यासजी बोले — हे महाराज ! यह सुनकर सहस्रनेत्र इन्द्र ने… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-04 April 20, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-04 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-चतुर्थोऽध्यायः चौथा अध्याय इन्द्र का देवताओं तथा गुरु बृहस्पति से परामर्श करना तथा बृहस्पति द्वारा जय-पराजय में दैव की प्रधानता बतलाना भयातुरेन्द्रादिदेवैः सुरगुरुणा सह परामर्शवर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजन् ! दूत के चले जाने पर इन्द्र ने भी यम,… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-03 April 20, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-पंचम स्कन्धः-अध्याय-03 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-पंचम स्कन्धः-तृतीयोऽध्यायः तीसरा अध्याय महिषासुर का दूत भेजकर इन्द्र को स्वर्ग खाली करने का आदेश देना, दूत द्वारा इन्द्र का युद्ध हेतु आमन्त्रण प्राप्तकर महिषासुर का दानववीरों को युद्ध के लिये सुसज्जित होने का आदेश देना भगवतीमाहाम्ये दैत्यसैन्याद्योगः व्यासजी बोले —… Read More