त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः July 21, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः॥ (हेमाद्रिशांति रत्नेषु) इस मन्त्र का प्रयोग सभी कामनाओं की सिद्धि हेतु तथा विघ्ननाश हेतु किया जाता है । औषधोपचार में यदि दवाकाम नहीं कर रही है तो इसके प्रयोग से मार्गदर्शन होकर रोगी को लाभ प्राप्त होगा । मन्त्रोयथा – ॐ यो रुद्रो ऽग्नौ योऽप्सुय ओषधीषु यो रुद्रो विश्वाभुवनाविवेश तस्मै… Read More
दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् July 21, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् ॥ रुद्रयाग व विशिष्ट साधना में विविध ऋचाओं से न्यास किये जाते है । मन्त्र – ॐ नमो भगवते रुद्राय। विनियोगः – ॐ अस्य श्री रुद्रमन्त्रस्य बोधायन ऋषिः, पंक्ति छन्दः, रुद्रो देवता ममाभिष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ॥ ऋषिन्यासः- ॐ बोधायनर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, रुद्र देवतायै नमः हृदि,… Read More
शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 07 July 20, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 07 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सातवाँ अध्याय भगवान् शंकर का ब्रह्मा और विष्णु के युद्ध में अग्निस्तम्भरूप में प्राकट्य, स्तम्भ के आदि और अन्त की जानकारी के लिये दोनों का प्रस्थान शिवजी बोले — हे पुत्रो ! आपकी कुशल तो है ? मेरे अनुशासन में जगत् तथा… Read More
शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 06 July 20, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 06 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छठा अध्याय ब्रह्मा और विष्णु के भयंकर युद्ध को देखकर देवताओं का कैलास-शिखर पर गमन नन्दिकेश्वर बोले — हे योगीन्द्र ! प्राचीनकाल में किसी समय शेषशायी भगवान् विष्णु अपनी पराशक्ति लक्ष्मीजी तथा अन्य पार्षदों से घिरे हुए शयन कर रहे थे ॥… Read More
अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः July 20, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ उमापति (शारदायाम्) मन्त्र – “ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं” । विनियोगः – ॐ अस्य श्रीशिवाष्टाक्षर मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्दः, उमापतिर्देवता सर्वेष्टसिद्धये जपे विनियोगः । ऋषिन्यासः – ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, उमापतिदेवतायै नमः हृदि, विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे ॥… Read More
शिव ताण्डव स्तोत्रम् July 20, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ रावणकृत शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥ १ ॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी- विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्द्धनि । धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥ २ ॥… Read More
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् July 20, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥ श्रीशैलशृङ्गे विबुधातिसङ्गे तुलाद्रितुङ्गेऽपि मुदा वसन्तम् । तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ २ ॥… Read More
शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 05 July 19, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय भगवान् शिव के लिंग एवं साकार विग्रह की पूजा के रहस्य तथा महत्त्व का वर्णन सूतजी बोले — हे शौनक ! जो श्रवण, कीर्तन और मनन — इन तीनों साधनों के अनुष्ठान में समर्थ न हो, वह भगवान् शंकर के… Read More
शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 04 July 19, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय श्रवण, कीर्तन और मनन-इन तीन साधनोंकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन मुनिगण बोले — हे ब्रह्मन् ! मनन कैसा होता है, श्रवण का स्वरूप कैसा है और उनका कीर्तन कैसे किया जाता है, यथार्थ रूप में आप वर्णन करें ॥ १ ॥ ब्रह्माजी… Read More
शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 03 July 19, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय साध्य-साधन आदि का विचार व्यासजी बोले — सूतजी का यह वचन सुनकर वे सब महर्षि बोले — अब आप हमें वेदान्त के सारसर्वस्वरूप अद्भुत शिवपुराण को सुनाइये ॥ १ ॥ मुनियों का यह वचन सुनकर अतिशय प्रसन्न हो वे सूतजी… Read More