भगवान् शिव के विभिन्न मन्त्र July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ भगवान् शिव के विभिन्न मन्त्र ॥ एकाक्षरीमंत्र – ‘हौं’ । हिन्दी तन्त्रसार में ऋषि वामदेव, छन्द पंक्ति, देवता सदाशिव कहे गये है । शारदा तिलक में ‘हं’ बीज औं’ शक्ति बतलाया गया है । एकाक्षर चिंतामणि – ‘क्ष्रौं’ । शारदा तिलक के अनुसार यह भगवान शिव के उत्तरवक्त्र से सम्बन्धित है । ऋषि काश्यप,… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 07 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 07 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सातवाँ अध्याय श्रोताओं के पालन करने योग्य नियमों का वर्णन ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाप्राज्ञ धन्यस्त्वं शैवपुङ्गव । श्रावितेयं कथाऽस्माकमद्भुता च शुभावहा ॥ १ ॥ पुंसां शिवपुराणस्य श्रवणव्रतिनां मुने । सर्वलोकहितार्थाय दयया नियमं वद ॥ २ ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 06 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 06 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छठा अध्याय शिवपुराण के श्रवण की विधि शिवपुराणश्रवणविधिः ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाप्राज्ञ व्यासशिष्य नमोऽस्तु ते । धन्यस्त्वं शैववर्योऽसि वर्णनीयमहद्गुणः ॥ १ ॥ श्रीमच्छिवपुराणस्य श्रवणस्य विधिं वद । येन सर्वं लभेच्छ्रोता सम्पूर्णं फलमुत्तमम् ॥ २ ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 05 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय चंचुला के प्रयत्न से पार्वतीजी की आज्ञा पाकर तुम्बुरु का विन्ध्यपर्वत पर शिवपुराण की कथा सुनाकर बिन्दुग का पिशाचयोनि से उद्धार करना तथा उन दोनों दम्पती का शिवधाम में सुखी होना बिन्दुगसद्गतिः ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाभाग धन्यस्त्वं शिवसक्तधीः ।… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 04 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय चंचुला की प्रार्थना से ब्राह्मण का उसे पूरा शिवपुराण सुनाना और समयानुसार शरीर छोड़कर शिवलोक में जा चंचुला का पार्वतीजी की सखी होना चंचुलायाः सद्गतिः ॥ ब्राह्मण उवाच ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 03 July 14, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय चंचुला का पाप से भय एवं संसार से वैराग्य चंचुलावैराग्यवर्णनम् ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाभाग सर्वज्ञोऽसि महामते । त्वत्प्रसादात्कृतार्थोऽहं कृतार्थोऽहं पुनः पुनः ॥ १ ॥ इतिहासमिमं श्रुत्वा मनो मेऽतीव मोदते । अन्यामपि कथां शम्भोर्वद प्रेमविवर्द्धिनीम् ॥ २ ॥ नामृतम्पिबतां लोके… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 02 July 14, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 02 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः दूसरा अध्याय शिवपुराण के श्रवण से देवराज को शिवलोक की प्राप्ति ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाभाग धन्यस्त्वं परमार्थवित् । अद्भुतेयं कथा दिव्या श्राविता कृपया हि नः ॥ १ ॥ अघौघविध्वंसकरी मनःशुद्धिविधायिनी । शिवसन्तोषजननी कथेय नः श्रुताऽद्भुता ॥ २ ॥ एतत्कथासमानं न भुवि… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 01 July 14, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 01 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पहला अध्याय शौनकजी के साधनविषयक प्रश्न करने पर सूतजी का उन्हें शिवमहापुराण की महिमा सुनाना ॥ श्रीशौनक उवाच ॥ हे हे सूत महाप्राज्ञ सर्वसिद्धान्तवित्प्रभो । आख्याहि मे कथासारं पुराणानां विशेषतः ॥ १ ॥ सदाचारश्च सद्भक्तिर्विवेको वर्द्धते कथम् । स्वविकारनिरासश्च सज्जनैः क्रियते कथम् ॥ २… Read More
गुह्यकाली शान्ति स्तोत्रम् July 12, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ गुह्यकाली शान्ति स्तोत्रम् ॥ काली काली महाकालि कालिके पापहारिणि । धर्ममोक्षप्रदे देवि गुह्यकालि नमोऽस्तुते ॥ १ ॥ संग्रामे विजयं देहि धनं देहि सदा गृहे । धर्मकामार्थसंपत्तिं देहि कालि नमोऽस्तुते ॥ २ ॥ उल्कामुखि ललज्जिह्वे घोररावे भगप्रिये । श्मशानवासिनि प्रेते शवमांसप्रियेऽनघे ॥ ३ ॥… Read More
विश्वमङ्गल गुह्यकाली कवचम् July 12, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ विश्वमङ्गल गुह्यकाली कवचम् ॥ विनियोगः- ॐ अस्य श्रीविश्वमङ्गलनाम्नो गुह्यकाली महावज्र कवचस्य संवर्तऋषिरनुष्टप्छन्दः, एकवक्त्रादि शतवक्त्रान्ता गुह्यकाली देवता, फ्रें बीजं, ख्फ्रें शक्तिः, छ्रीं कीलकं सर्वाभीष्टसिद्धि पूर्वकात्मरक्षणे जपे विनियोगः । ॐ फ्रें पातु शिरः सिद्धिकराली कालिका मम । ह्रीं छ्रीं ललाटं मे सिद्धिविकरालि सदावतु ॥ १ ॥ श्रीं क्लीं मुखं चण्डयोगेश्वरी रक्षतु सर्वदा । हूं स्त्रीं… Read More