भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६४ आशादशमी-व्रत-कथा एवं व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — पार्थ ! अब मैं आपसे आशा-दशमी व्रत-कथा एवं उसके विधान का वर्णन कर रहा हूँ । प्राचीन काल में निषध देश में नल नाम के एक राजा थे ।… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६३ दशावतार-व्रत-कथा, विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — राजन् ! सत्ययुग के प्रारम्भ में भृगु नाम के एक ऋषि हुए थे । उनकी भार्या दिव्या… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६२ उल्का-नवमी-व्रतका विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप उल्का-नवमी-व्रत के विषय में सुनें । आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को नदी में स्नानकर पितृदेवी की विधिपूर्वक अर्चना करे । अनन्तर… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६१ ध्वज-नवमी-व्रत-कथा भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! भगवती दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध किये जाने पर दैत्यों ने पूर्व-वैर का स्मरण कर देवताओं के साथ अनेक संग्राम किये । भगवती ने भी धर्म की रक्षा के… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६० श्रीवृक्षनवमी-व्रत-कथा भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — महाराज़ ! देवता और दैत्यों ने जब समुद्र-मन्थन किया था, तब उस समय समुद्र से निकली हुई लक्ष्मी को देखकर सभी की यह इच्छा हुई कि मैं ही लक्ष्मी को… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५९ सोमाष्टमी-व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब में एक दूसरा व्रत बतला रहा हूँ, जो सर्वसम्मत, कल्याणप्रद एवं शिवलोक-प्रापक है । शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन यदि सोमवार हो तो उस दिन उमासहित भगवान्… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५८ अनघाष्टमी-व्रत की कथा एवं विधि भगवान् श्रीकृष्णने कहा — महाराज ! प्राचीन काल में ब्रह्माजी के महातेजस्वी अत्रि पुत्ररूप में उत्पन्न हुए । अत्रि की भार्या का नाम था अनसूया, वह महान् भाग्यशालिनी एवं पतिव्रता थी… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५७ मासिक कृष्णाष्टमी-व्रतों की विधि… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५६ दूर्वा की उत्पत्ति एवं दूर्वाष्टमी व्रत का विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अत्यन्त पवित्र दूर्वाष्टमी व्रत होता है । जो पुरुष इस पुण्य दूर्वाष्टमी का… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५५ श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि राजा युधिष्ठिर ने कहा — अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करे । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन ! जब मथुरा में कंस… Read More