भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३५ December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३५ श्रीदुर्गासप्तशती के उत्तरचरित्र की महिमा के प्रसंग में योगाचार्य महर्षि पतञ्जलि का चरित्र सूतजी बोले — अनेक धातुओं के द्वारा चित्रित रमणीय चित्रकूट पर्वतपर महाविद्वान् उपाध्याय पतञ्जलि मुनि रहते थे ।… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३४ December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३४ श्रीदुर्गासप्तशती के मध्यमचरित्र का माहात्म (कात्यायन तथा मगध के राजा महानंद की कथा) सूतजी बोले — शौनक ! उज्जयिनी नगरी में एक हिंसापरायण मद्य-मांस-भक्षी भीमवर्मा नाम का क्षत्रिय रहता था ।… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३३ December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३३ श्रीदुर्गासप्तशती के आदिचारित्र का माहात्म्य (व्याधकर्मा की कथा) ऋषियों ने पूछा — सूतजी महाराज ! अब आप हमलोगों को यह बतलाने की कृपा करें कि किस स्तोत्र के पाठ करने से… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३२ December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३२ बोपदेव के चरित्र-प्रसंग में श्रीमद्भागवत-माहात्म्य सूतजी बोले — महामुने शौनक ! तोताद्रिमें एक बोपदेव… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३१ December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३१ महर्षि पाणिनि का इतिवृत्त ऋषियों ने पूछा — भगवन ! सभी तीर्थों, दानों आदि धर्मसाधनों में उत्तम साधन क्या है, जिसका आश्रय लेकर मनुष्य क्लेश-सागर को पार कर जाय और मुक्ति… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३० December 28, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३० पितृशर्मा और उनके वंशज — व्याडि, पाणिनि और वररुचि आदि की कथा ऋषियों ने कहा — भगवन ! तीनों दुःखों के विनाश करनेवाले व्रतों में सर्वश्रेष्ठ सत्यनारायण व्रत को हमलोगों ने… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २९ December 26, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २९ सत्य-धर्म के आश्रय से सबका उद्धार (लीलावती एवं कलावती की कथा) सूतजी ने कहा — ऋषियों ! अध्यात्मिक, आधिदैविक तथा आधिभौतिक – इन तीनों तापों को हरण करनेवाले भगवान् विष्णु के… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २८ December 26, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २८ सत्यनारायण-व्रत के प्रसंग में साधु वणिक् एवं जामाता की कथा सूतजी बोले — ऋषियों ! अब मैं एक साधु वणिक् की कथा कहता हूँ । एक बार भगवान् सत्यनारायण का भक्त… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २७ December 26, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २७ सत्यनारायण-व्रत के प्रसंग में लकड़हारों की कथा सूतजी बोले — ऋषियों ! अब इस सम्बन्ध में सत्यनारायण-व्रत के आचरण से कृतकृत्य हुआ भिल्लों की कथा सुनें । एक समय की बात… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २६ December 26, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २६ सत्यनारायण व्रत – कथा में राजा चन्द्रचूड का आख्यान सूतजी बोले — ऋषियों ! प्राचीन काल में केदारखण्ड के मणिपूरक नामक नगर में चन्द्रचूड नामक एक धार्मिक तथा प्रजावत्सल राजा रहते… Read More