अग्निपुराण – अध्याय 269 July 11, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 269 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ उनहत्तरवाँ अध्याय छत्र, अश्व, ध्वजा, गज, पताका, खड्ग, कवच और दुन्दुभि की प्रार्थना के मन्त्र छत्रादिमन्त्रादयः पुष्कर कहते हैं — परशुराम ! अब मैं छत्र आदि राजोपकरणों के प्रार्थनामन्त्र बतलाता हूँ, जिनसे उन की पूजा कर के नरेशगण… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 268 July 11, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 268 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ अड़सठवाँ अध्याय सांवत्सर-कर्म; इन्द्र-शची की पूजा एवं प्रार्थना; राजा के द्वारा भद्रकाली तथा अन्यान्य देवताओं के पूजन की विधि; वाहन आदि का पूजन तथा नीराजना नीराजनाविधिः पुष्कर कहते हैं — अब मैं राजाओं के करने योग्य सांवत्सर-कर्म का… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 267 July 11, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 267 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ सरसठवाँ अध्याय माहेश्वर-स्नान आदि विविध स्नानों का वर्णन; भगवान् विष्णु के पूजन से तथा गायत्रीमन्त्र द्वारा लक्ष होमादि से शान्ति की प्राप्ति का कथन माहेश्वर स्नानं लक्षकोटिहोमादयः पुष्कर कहते हैं — अब मैं राजा आदि की विजयश्री को… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 266 July 11, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 266 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ छाछठवाँ अध्याय विनायक-स्नान विधि विनायक स्नान कथनं पुष्कर कहते हैं — परशुराम ! जो मनुष्य विघ्नराज विनायक द्वारा पीड़ित हैं, उनके लिये सर्व-मनोरथ साधक स्नान की विधि का वर्णन करता हूँ। कर्म में विघ्न और उसकी सिद्धि के… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 265 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 265 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ पैंसठवाँ अध्याय दिक्पाल स्नान की विधि का वर्णन दिक्पालादिस्नानम् पुष्कर कहते हैं — परशुराम ! अब मैं सम्पूर्ण अर्थों को सिद्ध करने वाले शान्तिकारक स्नान का वर्णन करता हूँ, सुनो। बुद्धिमान् पुरुष नदी तट पर भगवान् श्रीविष्णु एवं… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 264 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 264 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ चौंसठवाँ अध्याय देवपूजा तथा वैश्वदेव-बलि आदि का वर्णन देवपूजावैश्व देव बलिः पुष्कर कहते हैं — परशु राम ! अब मैं देवपूजा आदि कर्म का वर्णन करूँगा, जो उत्पातों को शान्त करने वाला है। मनुष्य स्नान करके ‘आपो हि… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 263 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 263 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ तिरसठवाँ अध्याय नाना प्रकार के उत्पात और उनकी शान्ति के उपाय उत्पातशान्तिः पुष्कर कहते हैं — परशुराम ! प्रत्येक वेद के ‘श्रीसूक्त’ को जानना चाहिये। वह लक्ष्मी की वृद्धि करने वाला है। ‘हिरण्यवर्णा हरिर्णी’ इत्यादि पंद्रह ऋचाएँ ऋग्वेदीय… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 262 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 262 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ बासठवाँ अध्याय अथर्वविधान – अथर्ववेदोक्त मन्त्रों का विभिन्न कर्मों में विनियोग अथर्वव विधानम् पुष्कर कहते हैं — परशुराम ! ‘सामविधान’ कहा गया। अब मैं ‘अथर्व विधान का वर्णन करूँगा। शान्तातीयगण के उद्देश्य से हवन कर के मानव शान्ति… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 261 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 261 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ इकसठवाँ अध्याय सामविधान – सामवेदोक्त मन्त्रों का भिन्न-भिन्न कार्यों के लिये प्रयोग सामविधानं पुष्कर कहते हैं — परशुराम। मैंने तुम्हें ‘यजुर्विधान’ कह सुनाया, अब मैं ‘सामविधान’ कहूँगा। ‘वैष्णवी-संहिता’ का जप करके उसका दशांश होम करे। इस से मनुष्य… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 260 July 10, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 260 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ दो सौ साठवाँ अध्याय यजुर्विधान-यजुर्वेद के विभिन्न मन्त्रों का विभिन्न कार्यों के लिये प्रयोग यजुर्विधानं पुष्कर कहते हैं — परशुराम! अब मैं भोग और मोक्ष प्रदान करने वाले ‘यजुर्विधान’ का वर्णन करता हूँ, सुनो। ॐकार-संयुक्त महाव्याहृतियाँ समस्त पापों का विनाश… Read More