अग्निपुराण – अध्याय 079 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ उन्यासीवाँ अध्याय पवित्रारोपण की विधि पवित्रारोहणविधिः महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! तदनन्तर प्रातः काल उठकर स्नान करके एकाग्रचित्त हो संध्या-पूजन का नियम पूर्ण करके मन्त्र-साधक यज्ञमण्डप में प्रवेश करे और जिनका विसर्जन नहीं किया गया है, ऐसे इष्टदेव भगवान्… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 078 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अठहत्तरवाँ अध्याय पवित्राधिवासन की विधि पवित्राधिवासनकथनम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं पवित्रारोहण का वर्णन करूँगा, जो क्रिया, योग तथा पूजा आदि में न्यूनता की पूर्ति करने वाला है। जो पवित्रारोहण कर्म नित्य किया जाता है, उसे… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 077 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सतहत्तरवाँ अध्याय घर की कपिला गाय, चूल्हा, चक्की, ओखली, मूसल, झाडू और खंभे आदि का पूजन एवं प्राणाग्निहोत्र की विधि कपिलादिपूजाविधानम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब कपिला पूजन के विषय में कहूँगा। निम्नाङ्कित मन्त्रों से गोमाता का… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 076 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ छिहत्तरवाँ अध्याय चण्ड की पूजा का वर्णन चण्डपूजाकथनम् महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! तदनन्तर शिवविग्रह के निकट जाकर साधक इस प्रकार प्रार्थना करे — ‘भगवन्! मेरे द्वारा जो पूजन और होम आदि कार्य सम्पन्न हुआ है, उसे तथा उसके… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 075 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ पचहत्तरवाँ अध्याय शिवपूजा के अङ्गभूत होम की विधि अग्निस्थापनादिप्रतिष्ठाकथनम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! पूजन के पश्चात् अपने शरीर को वस्त्र आदि से आवृत करके हाथ में अर्घ्यपात्र लिये उपासक अग्निशाला में जाय और दिव्यदृष्टि से यज्ञ के… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 074 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ चौहत्तरवाँ अध्याय शिव पूजा की विधि शिवपूजाकथनम् महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं शिव-पूजा की विधि बताऊँगा। आचमन ( एवं स्नान आदि) करके प्रणव का जप करते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दे। फिर पूजा मण्डप के द्वार को… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 073 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तिहत्तरवाँ अध्याय सूर्यदेव की पूजा-विधि का वर्णन सूर्यपूजाविधिः महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं करन्यास और अङ्गन्यासपूर्वक सूर्यदेवता के पूजन की विधि बताऊँगा। ‘मैं तेजोमय सूर्य हूँ’ — ऐसा चिन्तन करके अर्घ्य पूजन करे। लाल रंग के चन्दन… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 072 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इकहत्तरवाँ अध्याय गणपतिपूजन की विधि गणेशपूजाविधिः भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं नित्य नैमित्तिक आदि स्नान, संध्या और प्रतिष्ठा सहित पूजा का वर्णन करूँगा। किसी तालाब या पोखरे से अस्त्रमन्त्र (फट्) के उच्चारणपूर्वक आठ अङ्गुल गहरी मिट्टी… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 071 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इकहत्तरवाँ अध्याय गणपतिपूजन की विधि गणेशपूजाविधिः भगवान् महेश्वर ने कहा — कार्तिकेय ! मैं विघ्नों के विनाश के लिये गणपतिपूजा की विधि बतलाता हूँ, जो सम्पूर्ण अभीष्ट अर्थो को सिद्ध करनेवाली है। ‘गणंजयाय स्वाहा० ‘ – हृदय, ‘एकदंष्ट्राय हुं फट्’… Read More


अग्निपुराण – अध्याय 070 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सत्तरवाँ अध्याय वृक्षों की प्रतिष्ठा की विधि वृक्षादि प्रतिष्ठाप्रकरणं श्रीभगवान् कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं वृक्षप्रतिष्ठा का वर्णन करता हूँ, जो भोग एवं मोक्ष प्रदान करने वाली है। वृक्षों को सर्वोषधिजल से लिप्त, सुगन्धित चूर्ण से विभूषित तथा… Read More