अग्निपुराण – अध्याय 083 अग्निपुराण – अध्याय 083 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तिरासीवाँ अध्याय निर्वाण दीक्षा के अन्तर्गत अधिवासन की विधि निर्वाणदीक्षाकथनम् भगवान् शंकर कहते हैं — षडानन स्कन्द ! तदनन्तर निर्वाण- दीक्षा में पाशबन्धन-शक्ति के लिये और ताड़न आदि के लिये मूल मन्त्र आदि का दीपन करे। उस समय प्रत्येक के… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 082 अग्निपुराण – अध्याय 082 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ बयासीवाँ अध्याय समय- दीक्षा के अन्तर्गत संस्कार- दीक्षा की विधि का वर्णन संस्कारदीक्षाकथनम् भगवान् शिव कहते हैं — षडानन! अब मैं संस्कार-दीक्षा की विधि का वर्णन करूँगा, सुनो — अग्नि में स्थित महेश्वर के शिवा- शिवमय (अर्ध- नारीश्वर ) रूप… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 081 अग्निपुराण – अध्याय 081 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इक्यासीवाँ अध्याय समयाचार–दीक्षा की विधि समयदीक्षाविधानम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं भोग और मोक्ष की सिद्धि के लिये दीक्षा की विधि बताऊँगा, जो समस्त पापों का नाश करने वाली है तथा जिसके द्वारा मल और माया… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 080 अग्निपुराण – अध्याय 080 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अस्सीवाँ अध्याय दमनकारोपण की विधि दमनकारोहणाविधिः भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं दमनकारोपण की विधि का वर्णन करूँगा। इसमें भी सब कार्य पूर्ववत् करने चाहिये। प्राचीन काल में भगवान् शंकर के कोप से भैरव की उत्पत्ति हुई।… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 079 अग्निपुराण – अध्याय 079 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ उन्यासीवाँ अध्याय पवित्रारोपण की विधि पवित्रारोहणविधिः महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! तदनन्तर प्रातः काल उठकर स्नान करके एकाग्रचित्त हो संध्या-पूजन का नियम पूर्ण करके मन्त्र-साधक यज्ञमण्डप में प्रवेश करे और जिनका विसर्जन नहीं किया गया है, ऐसे इष्टदेव भगवान्… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 078 अग्निपुराण – अध्याय 078 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अठहत्तरवाँ अध्याय पवित्राधिवासन की विधि पवित्राधिवासनकथनम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं पवित्रारोहण का वर्णन करूँगा, जो क्रिया, योग तथा पूजा आदि में न्यूनता की पूर्ति करने वाला है। जो पवित्रारोहण कर्म नित्य किया जाता है, उसे… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 077 अग्निपुराण – अध्याय 077 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सतहत्तरवाँ अध्याय घर की कपिला गाय, चूल्हा, चक्की, ओखली, मूसल, झाडू और खंभे आदि का पूजन एवं प्राणाग्निहोत्र की विधि कपिलादिपूजाविधानम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! अब कपिला पूजन के विषय में कहूँगा। निम्नाङ्कित मन्त्रों से गोमाता का… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 076 अग्निपुराण – अध्याय 076 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ छिहत्तरवाँ अध्याय चण्ड की पूजा का वर्णन चण्डपूजाकथनम् महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! तदनन्तर शिवविग्रह के निकट जाकर साधक इस प्रकार प्रार्थना करे — ‘भगवन्! मेरे द्वारा जो पूजन और होम आदि कार्य सम्पन्न हुआ है, उसे तथा उसके… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 075 अग्निपुराण – अध्याय 075 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ पचहत्तरवाँ अध्याय शिवपूजा के अङ्गभूत होम की विधि अग्निस्थापनादिप्रतिष्ठाकथनम् भगवान् महेश्वर कहते हैं — स्कन्द ! पूजन के पश्चात् अपने शरीर को वस्त्र आदि से आवृत करके हाथ में अर्घ्यपात्र लिये उपासक अग्निशाला में जाय और दिव्यदृष्टि से यज्ञ के… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 074 अग्निपुराण – अध्याय 074 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ चौहत्तरवाँ अध्याय शिव पूजा की विधि शिवपूजाकथनम् महादेवजी कहते हैं — स्कन्द ! अब मैं शिव-पूजा की विधि बताऊँगा। आचमन ( एवं स्नान आदि) करके प्रणव का जप करते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दे। फिर पूजा मण्डप के द्वार को… Read More