भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ८२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ८२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ८२ सुकृत-द्वादशी के प्रसंग में सीरभद्र वैश्य की कथा राजा युधिष्ठिरने पूछा — श्रीकृष्णचन्द्र ! ऐसा कौनसा कर्म है, जिसके करने से सभी कष्ट दूर हो जायें तथा कोई संताप भी न हो । भगवान् श्रीकृष्ण ने… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७९ से ८१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७९ से ८१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७९ से ८१ अखण्ड-द्वादशी, मनोरथ-द्वादशी एवं तिल-द्वादशी-व्रतों का विधान राजा युधिष्ठिर ने पूछा — श्रीकृष्ण ! व्रतोपवास, दान, धर्म आदि में जो कुछ वैकल्य अर्थात् किसी बात की न्यूनता रह जाय तो क्या फल होता… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७८ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७८ गोविन्द-द्वादशी व्रत भगवान् श्रीकृष्ण ने पुनः कहा — महाराज ! इसी प्रकार गोविन्द-द्वादशी नाम का एक अन्य व्रत है, जिसके करने से सभी अभीष्ट सिद्ध हो जाते हैं । पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७७ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७७ सम्प्राप्ति-द्वादशी व्रत भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — पौष मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी से ज्येष्ठ मास की द्वादशी तक प्रत्येक मास की कृष्ण द्वादशी को षाण्मासिक सम्प्राप्ति-द्वादशी-व्रत किया जाता है । प्रत्येक मास में क्रमशः… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७६ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७६ विजय-श्रवण-द्वादशीव्रत में वामनावतार की कथा तथा व्रत-विधि भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — युधिष्ठिर ! भाद्रपद मास की एकादशी तिथि यदि श्रवण नक्षत्र से युक्त हो तो उसे विजया तिथि कहते हैं, वह भक्तों को विजय प्रदान… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७५ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७५ श्रवण द्वादशी-व्रत के प्रसंग में एक वणिक् की कथा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! जो व्यक्ति दीर्घ उपवास करने में असमर्थ हो उसके लिये कौन-सा व्रत हैं ? इसे आप बतलायें । भगवान् श्रीकृष्ण ने… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७३ से ७४ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७३ से ७४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७३ से ७४ मल्लद्वादशी एवं भीमद्वादशी-व्रत का विधान युधिष्ठिर के द्वारा मल्लद्वादशी के विषय में पूछे जानेप र भगवान् श्रीकृष्णचन्द्र ने कहा — महाराज ! जब मेरी अवस्था आठ वर्ष की थी, उस समय यमुना-तट… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७२ भीष्मपञ्चक-व्रत की विधि एवं महिमा युधिष्ठिर ने कहा — हे यदुश्रेष्ठ कृष्ण ! कार्तिक मास में भीष्म-पञ्चक नाम का जो श्रेष्ठ व्रत होता है, अब कृपया उसका विधान बताइये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज !… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७१ नीराजनद्वादशीव्रत-कथा एवं व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्णने कहा — राजन् ! प्राचीन काल में अजपाल नाम के एक राजर्षि थे । एक बार प्रजा ने अपने दुःखों को दूर करने की उनसे प्रार्थना की, तब उन्होंने इस पर… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७० भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ७० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ७० देवशयनी एवं देवोत्थानी द्वादशी व्रतोंका विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! अब मैं गोविन्दशयन नामक व्रत का वर्णन कर रहा हूँ और कटिदान, समुत्थान एवं चातुर्मास्यव्रत का भी वर्णन करता हैं, उसे आप सुनें ।… Read More