भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६९ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६९ गोवत्स-द्वादशी… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६८ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६८ अवियोग-व्रत का विधान महाराज युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! आप यह बतायें कि अवियोगव्रत किस विधि से किया जाता है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अवियोगव्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ है, मैं उसका… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६७ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६७ रोहिणीचन्द्र-व्रत का विधान महाराज युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! वर्षाकाल में आकाश नीले मेघ से आच्छादित हो जाता है । मोर चारों ओर मीठी-मीठी बोली बोलने लगते हैं । मेढकों की ध्वनि भी बड़ी सुहावनी… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६६ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६६ अरण्यद्वादशी-व्रत का विधान और फल महाराज युधिष्ठिर ने कहा — श्रीकृष्णचन्द्र ! आप अरण्यद्वादशी-व्रत का विधान बतलायें । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — कौन्तेय ! प्राचीन काल में जिस व्रत को रामचन्द्रजी की आज्ञा से वन में… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६५ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६५ तारकद्वादशी के प्रसंग में राजा कुशध्वज की कथा तथा व्रत-विधान महाराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! मैं बहुत बड़ा पातकी हूँ । भीष्म, द्रोण आदि महात्माओं का मैंने वध किया । आप कृपाकर कोई ऐसा… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६४ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६४ आशादशमी-व्रत-कथा एवं व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — पार्थ ! अब मैं आपसे आशा-दशमी व्रत-कथा एवं उसके विधान का वर्णन कर रहा हूँ । प्राचीन काल में निषध देश में नल नाम के एक राजा थे ।… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६३ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६३ दशावतार-व्रत-कथा, विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — राजन् ! सत्ययुग के प्रारम्भ में भृगु नाम के एक ऋषि हुए थे । उनकी भार्या दिव्या… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६२ उल्का-नवमी-व्रतका विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप उल्का-नवमी-व्रत के विषय में सुनें । आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को नदी में स्नानकर पितृदेवी की विधिपूर्वक अर्चना करे । अनन्तर… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६१ ध्वज-नवमी-व्रत-कथा भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! भगवती दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध किये जाने पर दैत्यों ने पूर्व-वैर का स्मरण कर देवताओं के साथ अनेक संग्राम किये । भगवती ने भी धर्म की रक्षा के… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६० भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ६० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ६० श्रीवृक्षनवमी-व्रत-कथा भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — महाराज़ ! देवता और दैत्यों ने जब समुद्र-मन्थन किया था, तब उस समय समुद्र से निकली हुई लक्ष्मी को देखकर सभी की यह इच्छा हुई कि मैं ही लक्ष्मी को… Read More