भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५९ सोमाष्टमी-व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब में एक दूसरा व्रत बतला रहा हूँ, जो सर्वसम्मत, कल्याणप्रद एवं शिवलोक-प्रापक है । शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन यदि सोमवार हो तो उस दिन उमासहित भगवान्… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५८ अनघाष्टमी-व्रत की कथा एवं विधि भगवान् श्रीकृष्णने कहा — महाराज ! प्राचीन काल में ब्रह्माजी के महातेजस्वी अत्रि पुत्ररूप में उत्पन्न हुए । अत्रि की भार्या का नाम था अनसूया, वह महान् भाग्यशालिनी एवं पतिव्रता थी… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५७ मासिक कृष्णाष्टमी-व्रतों की विधि… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५६ दूर्वा की उत्पत्ति एवं दूर्वाष्टमी व्रत का विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अत्यन्त पवित्र दूर्वाष्टमी व्रत होता है । जो पुरुष इस पुण्य दूर्वाष्टमी का… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५५ श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि राजा युधिष्ठिर ने कहा — अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करे । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन ! जब मथुरा में कंस… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५४ बुधाष्टमी-व्रत-कथा तथा माहात्म्य भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं बुधाष्टमी-व्रत का विधान बतलाता हूँ, जिसे करनेवाला कभी नरक का मुख नहीं देखता । इस विषय में आप एक आख्यान सुनें । सत्ययुग के प्रारम्भ… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५३ अचलासप्तमी-व्रत-कथा तथा व्रत-विधि… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५२ सप्तमी-स्वपनव्रत और उसकी विधि महाराज युधिष्ठिर ने पूछा — प्रभो ! मनुष्य को अपने मन में उद्भूत उद्वेग तथा खेद-खिन्नता और अपनी दरिद्रता की निवृत्ति के लिये अद्भुत-शान्ति के निमित्त कौन-सा धर्म-कृत्य करना चाहिये ? मृतवत्सा… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५१ शुभसप्तमी-व्रत की विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! अब में एक दूसरी सप्तमी का वर्णन कर रहा हूँ, वह शुभसप्तमी कहलाती है । इसमें उपवासकर व्यक्ति रोग, शोक तथा दुःखो से मुक्त हो जाता है… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५० कमल-सप्तमी-व्रत[^1] भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं कमल सप्तमी-व्रत का वर्णन करता हूँ, जिसके नाम लेनेमात्र से ही भगवान् सूर्य प्रसन्न हो जाते हैं । वसन्त ऋतु में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को प्रातःकाल… Read More