रोग नाशक मन्त्र मन्त्र:- “दैहिक दैविक भौतिक तापा । राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा ।।”… Read More


अपनी रक्षा के लिए मन्त्र मन्त्र:- “ममाभिरक्षय रघुकुल नायक । धृतबरचाप रुचिकर सायक ।। मोरे हित हरि सम नहीं कोऊ । ऐहि अवसर सहाय सोइ होऊ ।।”… Read More


बगलामुखी मन्त्र वृहत् उत्कीलन विधानम् इसको नित्य करने की आवश्यकता नहीं है, पर्वादि में या पुरश्चरण काल में अवश्य करना चाहिये । विनियोगः- ॐ अस्य श्री उत्कीलन मंत्रस्य सदाशिव ऋषिः, वृहत् गायत्री छंदः, सूचीमुख्यै देवता, ॐ ऐं क्लीं ह्लीं ह्लीं ऐं अं बीजाय, ब्रह्म-ग्रंथिं उत्कीलय शक्तिः, ॐ ब्लूं ह्लौं ह्लं ह्लीं ह्लां ॐ कीलकं, श्रीं… Read More


|| बगलामुखी मातृका || ॐ ह्ल्रीं श्रीं अं बगलामुख्यै नमः शिरसि । ॐ ह्ल्रीं श्रीं आं स्तम्भिन्यै नमः मुखे । ॐ ह्ल्रीं श्रीं इं जिभृण्यै नमः दक्षनेत्रे ।… Read More


ब्रह्मास्त्र उपसंहार विद्या यदि शत्रु भी बगला ब्रह्मास्त्र का ज्ञाता है, परप्रयोग भारी है तो यह कालरात्रि का मंत्र शीघ्र काम करता है, कृत्या व शत्रु शक्ति को सम्मोहित कर निष्प्राण कर शिथिल कर देता है ।… Read More


पीताम्बरा पञ्चास्त्र मंत्राः पीताम्बरा के पाँच विशेष उग्र मंत्र हैं, जो शत्रू समूह को नष्ट करने में समर्थ हैं । १॰ वडवामुखी, २॰ उल्कामुखी, ३॰ जातवेदमुखी, ४॰ ज्वालामुखी तथा ५॰ वृहद्भानुमुखी ।… Read More