सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र

मन्त्रः-
“जय हनुमन्ता, तेज चलन्ता, शहर-गाँव-मरघट में रमता । भैरव साथ उमा को नमता, मेरे वश में अमुक कु लावता । नमु हनुमन्त बजरंग बल-वीरा, ध्यान धरुँ – हिरदय में धीरा ।”hanuman
विधिः-

आक के उस वृक्ष के पास जाए, जिसके फूल जामुन के रंग के हों । शनिवार के दिन ऐसे आक के वृक्ष के पास दीप व धूप कर उक्त मन्त्र का १०००० (दस हजार) जप करें । १० हजार जप न हो सके, तो सूझ-बूझ से निश्चित संख्या में जप करें । जब तक जप संख्या पूरी न हो, तब तक जप सतत करे अथवा शेष जप दूसरे शनिवार को वैसे ही करें ।
वृक्ष के पास ही हनुमान् जी का पूजन करें । नैवेद्य और लंवग-युक्त पान का बीड़ा चढ़ाएं । पूजन के बाद पान का बीड़ा स्वयं खाएं और प्रसाद को वितरित करें । इस तरह ८ दिन लगातार या ८ शनिवार तक करने से मन्त्र की सिद्धि होती है ।
जब किसी को भी वश में करने की आवश्यकता हो, तब चिता की भस्म, चौराहे की धूल और सरोवर या तालाब की मिट्टी – तीनों को शनिवार की रात्रि में अपने सामने रखकर उसके ऊपर १११ बार उक्त मन्त्र का जप करें । ऐसा ७ दिनों तक करें । आठवें दिन पुनः शनिवार होगा, इस शनिवार को प्रातः-काल इन तीनों अभिमन्त्रित वस्तुओं को सरोवर या तालाब, जहाँ से मिट्टी लाए, वहीं डाले ।
विशेषः-
‘अमुक कु’ के स्थान पर जिसका वशीकरण करना हो, उसका नाम लेना चाहिए । जब मन्त्र सिद्ध करे, तब जो मन्त्र ऊपर दिया है, वैसे ही जप करें । प्रयोग के समय ‘अमुक कु’ के स्थान पर नाम जोड़ कर जपें ।

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