शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 42 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बयालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर की उत्पत्ति की कथा, शिव के वरदान से हिरण्याक्ष द्वारा अन्धक को पुत्ररूप में प्राप्त करना, हिरण्याक्ष द्वारा पृथ्वी को पाताललोक में ले जाना, भगवान् विष्णु द्वारा वाराहरूप धारणकर हिरण्याक्ष का वधकर पृथ्वी को यथास्थान स्थापित करना नारदजी… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 41 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः इकतालीसवाँ अध्याय शंखचूड का रूप धारणकर भगवान् विष्णु द्वारा तुलसी के शील का हरण, तुलसी द्वारा विष्णु को पाषाण होने का शाप देना, शंकरजी द्वारा तुलसी को सान्त्वना, शंख, तुलसी, गण्डकी एवं शालग्राम की उत्पत्ति तथा माहात्म्य की कथा व्यासजी बोले… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 40 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड का युद्ध, आकाशवाणी द्वारा शंकर को युद्ध से विरत करना, विष्णु का ब्राह्मणरूप धारणकर शंखचूड का कवच माँगना, कवचहीन शंखचूड का भगवान् शिव द्वारा वध, सर्वत्र हर्षोल्लास सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] इसके बाद अपनी मुख्य-मुख्य… Read More


अकबरी फालनामा इस फालनामे के जरिये आप अपनी मनोकामनाओं के परिणाम के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । पूर्ण श्रद्धा के साथ अपनी फाल निकालें और उसका परिणाम जान लें ।… Read More


पीरों के पीर गौस ए आजम पीरों के पीर शेख सैय्यद अबू मोहम्मद अब्दुल कादिर जीलनी रहमतुल्लाह अलैह से निस्बत रखता है। जिन्हें गौस ए आजम के नाम से जाना जाता है। आपका नाम ” अब्दुल कादिर जिलानी ” है ! आप ” शेख अबू सईद मरमक दूमी ” के पुत्र थे ! आपका जन्म… Read More


दुश्मन ज़बानबंदी / दुश्मन को बेअसर करना विधि – मंगलवार अथवा किसी भी दिन दोपहर दो बजे से चार बजे के मध्य सफेद कागज पर काली स्याही के पेन से खानों में बायें नीचे कोनों में दिये गये अंक की चाल के अनुसार यन्त्र बनायें । ध्यान रहे गोले में दिये गये अंकों को नहीं… Read More


ख्वाबनामा यह नहीं है कि ख्वाब सिर्फ निद्रावस्था में ही दिखाई देते हों, अपितु जाग्रतावस्था में भी उतनी ही सरलता से ख्वाब देखे जा सकते हैं । फर्क सिर्फ इतना होता है कि जाग्रतावस्था में हम अपनी इच्छानुसार ख्वाब देख सकते हैं जबकि निद्रावस्था में देखे जाने वाले ख्वाबों पर हमारा या हमारे मन का… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 39 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनतालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड के महाभयंकर युद्ध में शंखचूड के सैनिकों के संहार का वर्णन व्यासजी बोले — हे महाप्राज्ञ ! भद्रकाली के वचन को सुनकर शिवजी ने क्या कहा और क्या किया ? उसे आप तत्त्वतः कहिये, मुझे सुनने… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 38 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अड़तीसवाँ अध्याय श्रीकाली का शंखचूड के साथ महान् युद्ध, आकाशवाणी सुनकर काली का शिव के पास आकर युद्ध का वृत्तान्त बताना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] महादेवी ने युद्धस्थल में पहुँचते ही सिंहनाद किया, देवी के उस नाद से दानव मूर्च्छित… Read More