ब्रह्मवैवर्तपुराण – प्रकृतिखण्ड – अध्याय 02 January 24, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – प्रकृतिखण्ड – अध्याय 02 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ दूसरा अध्याय परब्रह्म श्रीकृष्ण और श्रीराधा से प्रकट चिन्मय देवी और देवताओं के चरित्र नारदजी ने कहा — प्रभो ! देवियों के सम्पूर्ण चरित्र को मैंने संक्षेप से सुन लिया। अब सम्यक् प्रकार से बोध होने के लिये आप… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – प्रकृतिखण्ड – अध्याय 01 January 24, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – प्रकृतिखण्ड – अध्याय 01 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ पहला अध्याय पञ्चदेवीरूपा प्रकृति का तथा उनके अंश, कला एवं कलांश का विशद वर्णन भगवान् नारायण कहते हैं — नारद ! गणेशजननी दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, सावित्री और राधा – ये पाँच देवियाँ प्रकृति कहलाती हैं । इन्हीं पर सृष्टि… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 30 January 23, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 30 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः तीसवाँ अध्याय नारायण के द्वारा परमपुरुष परमात्मा श्रीकृष्ण तथा प्रकृतिदेवी की महिमा का प्रतिपादन श्रीनारायण बोले — गणेश, विष्णु, शिव, रुद्र, शेष, ब्रह्मा आदि देवता, मनु, मुनीन्द्रगण, सरस्वती, पार्वती, गङ्गा और लक्ष्मी आदि देवियाँ भी जिनका सेवन करती हैं, उन भगवान् गोविन्द के… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 29 January 23, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 29 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः उनतीसवाँ अध्याय बदरिकाश्रम में नारायण के प्रति नारदजी का प्रश्न सौति कहते हैं — शौनक ! देवर्षि नारद ने नारायण ऋषि के आश्चर्यमय आश्रम को देखा, जो बेर के वनों से सुशोभित था । नाना प्रकार के वृक्षों और फलों से भरे हुए… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 28 January 23, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 28 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः अट्ठाइसवाँ अध्याय परब्रह्म परमात्मा के स्वरूप का निरूपण नारदजी ने पूछा — जगन्नाथ ! जगद्गुरो ! आपकी कृपा से मैंने सब कुछ सुन लिया। अब आप ब्रह्म के स्वरूप का वर्णन – ब्रह्मतत्त्व का निरूपण कीजिये । प्रभो ! सर्वेश्वर ! ब्रह्म साकार… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 27 January 19, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 27 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः सत्ताईसवाँ अध्याय ब्राह्मणों के लिये भक्ष्याभक्ष्य तथा कर्तव्याकर्तव्य का निरूपण नारदजी ने पूछा — प्रभो ! गृहस्थ ब्राह्मणों, यतियों, वैष्णवों, विधवा स्त्रियों और ब्रह्मचारियों के लिये क्या भक्ष्य है और क्या अभक्ष्य ? क्या कर्तव्य है और क्या अकर्तव्य ? अथवा उनके लिये… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 26 January 19, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 26 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः छब्बीसवाँ अध्याय ब्राह्मणों के आह्निक आचार तथा भगवान् के पूजन की विधि का वर्णन सौति कहते हैं — शौनकजी ! देवर्षि नारद ने भगवान् शंकर से श्रीहरि के स्तोत्र, कवच, मन्त्र, उत्तम पूजाविधान, ध्यान तथा उनके तत्त्वज्ञान की याचना की । महेश्वर ने… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 25 January 19, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 25 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः पच्चीसवाँ अध्याय नारदजी को भगवान् शिव का दर्शन, शिव द्वारा नारदजी का सत्कार तथा उनकी मनोवाञ्छापूर्ति के लिये आश्वासन सौति कहते हैं — शौनक ! तदनन्तर विप्रवर नारद क्षण-भर में बड़ी प्रसन्नता के साथ शिव के मनोहर धाम में जा पहुँचे । भगवान्… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 24 January 18, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 24 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः चौबीसवाँ अध्याय ब्रह्माजी का नारद को गृहस्थ-धर्म का महत्त्व बताते हुए विवाह के लिये राजी करना और नारद का पिता की आज्ञा ले शिवलोक को जाना सौति कहते हैं — नारद को इस प्रकार जाते देख ब्रह्माजी उदास हो गये और इस प्रकार… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 23 January 17, 2025 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 23 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः तेईसवाँ अध्याय ब्रह्माजी से सृष्टि के लिये दार-परिग्रह की प्रेरणा पाकर डरे हुए नारद का स्त्री-संग्रह के दोष बताकर तप के लिये जाने की आज्ञा माँगना सौति कहते हैं — सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने अपने सब बालकों को सृष्टि के कार्य में लगाकर नारदजी… Read More