शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 37 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता सैंतीसवाँ अध्याय व्यासजीका पाण्डवोंको सान्त्वना देकर अर्जुनको इन्द्रकील पर्वतपर तपस्या करने भेजना नन्दीश्वर बोले — हे प्राज्ञ ! अब आप शिवजीका किरातावतार सुनिये, [जिसमें ] उन्होंने प्रसन्न होकर मूक दानवका वध किया एवं अर्जुनको वर प्रदान किया ॥ १… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 36 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता छत्तीसवाँ अध्याय अश्वत्थामाके रूपमें शिवके अवतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले — हे सनत्कुमार! हे सर्वज्ञ ! अब आप सर्वव्यापी परमात्मा शिवके अश्वत्थामा नामक श्रेष्ठ अवतारको सुनें ॥ १ ॥ मुने! महाबुद्धिमान् देवर्षि बृहस्पतिके अंशसे महर्षि भरद्वाजसे अयोनिज पुत्रके रूपमें आत्मवेत्ता… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 35 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता पैंतीसवाँ अध्याय परमात्मा शिवके द्विजावतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले — हे सर्वज्ञ ! सनत्कुमार ! अब साधुवेष धारण करनेवाले ब्राह्मणके रूपमें परमात्मा शिवका जिस प्रकार अवतार हुआ, उसे आप सुनें ॥ १ ॥ मेना और हिमालयकी शिवमें उत्कट भक्ति देख… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 34 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता चौंतीसवाँ अध्याय भगवान् शिवके सुनर्तक नटावतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले— हे सर्वज्ञ ! सनत्कुमार! अब सर्वव्यापी परमात्मा शिवजीके नर्तकनट नामक अवतारका श्रवण कीजिये ॥ १ ॥ जब हिमालयसुता कालिका पार्वती शिवको प्राप्त करनेके लिये वनमें जाकर अत्यन्त निर्मल तप करने… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 33 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता तैंतीसवाँ अध्याय पार्वतीके मनोभावकी परीक्षा लेनेवाले ब्रह्मचारीस्वरूप शिवावतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले— हे सनत्कुमार! अब विभु परमात्मा शिवजीके परमपवित्र जटिल नामक अवतारको अत्यन्त प्रेमपूर्वक सुनिये ॥ १ ॥ पूर्व समयमें दक्षकी कन्या सती अपने पितासे अनादर प्राप्तकर उनके यज्ञमें अपना… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 32 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता बत्तीसवाँ अध्याय उपमन्युपर अनुग्रह करनेके लिये शिवके सुरेश्वरावतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले — हे तात! परमेश्वर शिवका जो सुरेश्वरावतार हुआ, जिसने धौम्यके ज्येष्ठ भ्राता [उपमन्यु] — का हितसाधन किया था, मैं उसका वर्णन करूँगा, आप श्रवण कीजिये ॥ १ ॥… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 31 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता इकतीसवाँ अध्याय शिवजीके भिक्षुवर्यावतारका वर्णन नन्दीश्वर बोले — हे मुनिश्रेष्ठ ! हे विप्र ! अब मैं शिवजीके उस अवतारका वर्णन करूँगा, जिसे [ किसी ] नारीके सन्देहका निवारण करनेके लिये उन्होंने अपने भक्तपर दया करके ग्रहण किया था, उसे… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 30 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता तीसवाँ अध्याय भगवान् शिवके अवधूतेश्वरावतारका वर्णन नन्दीश्वरजी बोले— हे ब्रह्मपुत्र ! अब आप शिवजीके अवधूतेश्वर नामक अवतारका वर्णन सुनिये, जो इन्द्रके घमण्डको नष्ट करनेवाला है ॥ १ ॥ हे मुने! पूर्व समयमें बृहस्पति एवं देवताओंके सहित इन्द्र शिवजीका दर्शन… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 29 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता उनतीसवाँ अध्याय भगवान् शिवके कृष्णदर्शन नामक अवतारकी कथा नन्दीश्वर बोले— हे सनत्कुमार! अब आप नभगको ज्ञान प्रदान करनेवाले कृष्णदर्शन नामक उत्तम शिवावतारका श्रवण कीजिये ॥ १ ॥ श्राद्धदेवके इक्ष्वाकु आदि जो प्रमुख पुत्र हुए, उनमें नभग नौवें पुत्र थे,… Read More


शिवमहापुराण — शतरुद्रसंहिता — अध्याय 28 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण शतरुद्रसंहिता अट्ठाईसवाँ अध्याय नल एवं दमयन्तीके पूर्वजन्मकी कथा तथा शिवावतार यतीश्वरका हंसरूप धारण करना नन्दीश्वर बोले — हे प्राज्ञ ! हे मुने ! अब मैं परमात्मा शिवके परम आनन्दप्रद यतिनाथ नामक अवतारका वर्णन करूँगा, आप सुनें ॥ १ ॥ हे… Read More