श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-077 October 24, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-077 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ सतहत्तरवाँ अध्याय सिन्धुदैत्य का देवताओं को पराजित करना, विष्णु का उसके पराक्रम से प्रसन्न हो वरदान के रूप में देवोंसहित उसके नगर गण्डकीपुर में रहना, विष्णु का देवताओं को आश्वस्त करना, दुष्ट सिन्धुदैत्य द्वारा किये गये अधर्माचरण का वर्णन अथः सप्तसप्ततितमोऽध्यायः सिन्धुदुःशासनवर्णनं ब्रह्माजी बोले — देवताओं के इस प्रकार के… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-076 October 23, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-076 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ छिहत्तरवाँ अध्याय सिन्धुसेना से पराजित देवों का वैकुण्ठलोक में विष्णु की शरण में जाना, देवताओं को आश्वस्तकर भगवान् विष्णु का गरुड़ पर आरूढ़ हो देवताओंसहित वहाँ आना, दैत्यसेना तथा देवसेना का युद्ध अथः षट्सप्ततितमोऽध्यायः देवदानवयुद्धवर्णनं ब्रह्माजी बोले — देवताओं के साथ देवराज इन्द्र ने वैकुण्ठलोक में सुखपूर्वक आसन पर बैठे… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-075 October 23, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-075 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ पचहत्तरवाँ अध्याय दैत्यराज सिन्धु का आख्यान, सिन्धु द्वारा दिग्विजय से सम्पूर्ण पृथ्वी को विजित करना, अमरावती पर आधिपत्य और स्वयं इन्द्रासन पर विराजमान होना अथः पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः सुरपराजय ब्रह्माजी बोले — अपने पुत्र को बुद्धिसम्पन्न और भगवान् सूर्य से प्राप्त वरदानों के कारण गर्वित जानकर उसके पिता राजा चक्रपाणि ने उसे… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-074 October 22, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-074 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ चौहत्तरवाँ अध्याय राजा चक्रपाणि के पुत्र सिन्धु द्वारा भगवान् सूर्य की आराधना और उनसे विभिन्न वरों की प्राप्ति अथः चतुःसप्ततितमोऽध्यायः वरप्रदानं ब्रह्माजी बोले — राजा चक्रपाणि की रानी के द्वारा समुद्र में उस गर्भ के छोड़ दिये जाने पर उस गर्भ से एक बालक उत्पन्न हुआ, जो महान् बलशाली, तेजसम्पन्न,… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-073 October 22, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-073 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ तिहत्तरवाँ अध्याय गण्डकी नगराधिपति राजा चक्रपाणि का आख्यान, निःसंतान राजा को महर्षि शौनक द्वारा पुत्रप्राप्ति के लिये सौरव्रत के अनुष्ठान का उपदेश करना, राजा-रानी द्वारा सम्यग् रूप से सौरव्रत के नियमों का पालन, भगवान् सूर्य द्वारा स्वप्न में रानी को पुत्र की प्राप्ति, रानी द्वारा गर्भ के ताप को सहन… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-072 October 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-072 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ बहत्तरवाँ अध्याय विनायक का पिता कश्यप के आश्रम में आगमन, काशिराज द्वारा विनायक की महिमा का कथन, काशिराज का काशी में प्रत्यागमन तथा दुण्डिविनायक की स्थापना, माता अदिति तथा कश्यप को आश्वासन देकर विनायक का निजलोकगमन अथः द्विसप्ततितमोऽध्यायः विनायकचरित्रकथनं ब्रह्माजी बोले — काशिराज के दूत ने विनायक की माता देवी… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-071 October 21, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-071 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ इकहत्तरवाँ अध्याय काशिराज का अपने सभासदों से वार्तालाप, मगधराज की कन्या के साथ काशिराज के पुत्र का विवाह, विनायक को साथ लेकर काशिराज का महर्षि कश्यप के आश्रम में गमन, पुरवासियों का वियोग में व्यथित होना तथा विनायक द्वारा उन्हें पुनः आने का आश्वासन देना अथः एकसप्ततितमोऽध्यायः विनायकाश्रमं प्रतिगमनं ब्रह्माजी… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-070 October 19, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-070 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ सत्तरवाँ अध्याय देवान्तक-वध अथः सप्ततितमोऽध्यायः बालचरिते पुरप्रवेश ब्रह्माजी बोले — भय से भ्रमित बुद्धि वाला वह देवान्तक जब ऐसा कह रहा था, तभी विनायकदेव ने उसे छोटे बालक के समान उठाकर अपनी गोद में ले लिया ॥ १ ॥ तदनन्तर गणों के स्वामी विनायक ने अपने प्रभाव से सुन्दर पद्मासन… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-069 October 19, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-069 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ उनहत्तरवाँ अध्याय विनायक और देवान्तक के युद्ध का वर्णन अथः एकोनसप्ततितमोऽध्यायः मायाप्रदर्शनं ब्रह्माजी कहते हैं — तब देवान्तक अत्यन्त विस्मित होकर अपने मन में विचार करने लगा कि इस विनायक का निवारण करने के लिये मैं जैसे-जैसे माया का प्रयोग कर रहा हूँ, वैसे-वैसे ही यह बालक भी अपने पुरुषार्थ… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-068 October 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-068 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अड़सठवाँ अध्याय विनायक और देवान्तक के युद्ध का वर्णन अथः अष्टषष्टितमोऽध्यायः भयानकास्त्रयुद्ध ब्रह्माजी कहते हैं —तदनन्तर दैत्य देवान्तक ने दो बाणों को आदरपूर्वक अभिमन्त्रित किया। उसने एक बाण को निद्रास्त्र से तथा दूसरे को गन्धर्वास्त्र से अभिमन्त्रित किया ॥ १ ॥ उसने बायें घुटने को आगेकर और धनुष की डोरी… Read More