श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-097 November 7, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-097 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ सत्तानबेवाँ अध्याय माता कद्रू का अपने पुत्र शेषनाग के पास पाताल में जाना और विनता तथा गरुड़ द्वारा हुए अपने अपमान का बदला लेने के लिये कहना, वासुकि आदि नागों तथा गरुड़ आदि पक्षियों का घनघोर युद्ध, नागों द्वारा विनता और उनके पुत्रों को बन्धन में डालना, विनता द्वारा मुनि… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-096 November 3, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-096 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ छियानबेवाँ अध्याय सातवें वर्ष में गुणेश का यज्ञोपवीत-संस्कार सम्पन्न होना, यज्ञोपवीत- महोत्सव का वर्णन, उसी अन्तराल में वहाँ आये कृतान्त तथा काल नामक दैत्यों का वध करना, महर्षि कश्यप तथा अदिति द्वारा गुणेश्वर का पूजन, देवताओं द्वारा बालक गुणेश्वर की महिमा का प्रतिपादन अथः षण्णवतितमोऽध्यायः गौर्य्यादित्योश्च संवादः ब्रह्माजी बोले —… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-095 November 3, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-095 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ पंचानबेवाँ अध्याय गुणेश के छठे वर्ष में विश्वकर्मा का उनके दर्शन के लिये पार्वती के पास आना, विश्वकर्मा का पार्वती की स्तुति करना, पार्वती का उन्हें भक्ति का वर देना, विश्वकर्मा द्वारा गुणेश का स्तवन और उन्हें अंकुश आदि आयुध प्रदान करना, गुणेश के द्वारा आयुधों की प्राप्ति कहाँ से… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-094 November 2, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-094 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ चौरानबेवाँ अध्याय मुनिबालकों के साथ गुणेश का महर्षि गौतम तथा अहल्या के आश्रम में जाकर ओदन-क्रीडा करना, पार्वती द्वारा गुणेश को बन्धन में डालना तथा उनकी माया से मोहित होना, महर्षि गौतम द्वारा अहल्या से गुणेश्वर की भगवत्ता का वर्णन अथः चतुर्नवतितमोऽध्यायः गौतमभोजनहरणं ब्रह्माजी बोले — मुनियों के जो बालक… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-093 November 2, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-093 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ तिरानबेवाँ अध्याय गुणेश के पाँचवें वर्ष में खड्गासुर का ऊँट का रूप बनाकर तथा चंचल दैत्य का छाया का रूप धारण कर गुणेश की बालमण्डली में आना, गुणेश्वर द्वारा लीलापूर्वक उनका वध करना अथः त्रिनवतितमोऽध्यायः चञ्चलवध ब्रह्माजी बोले — बालक गुणेश का जब पाँचवाँ वर्ष प्रारम्भ हुआ, तब एक दिन… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-092 November 1, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-092 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ बानबेवाँ अध्याय चार वर्ष की अवस्था वाले बालक गुणेश के द्वारा दैत्य कर्दमासुर का वध, गुणेश द्वारा माता पार्वती को अपने मुख के भीतर समस्त विश्व का दर्शन कराना, माता द्वारा गुणेश की स्तुति अथः द्विनवतितमोऽध्यायः विश्वरूपदर्शनं ब्रह्माजी बोले — [ हे व्यासजी!] तदनन्तर किसी दिन की बात है, जिस… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-091 November 1, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-091 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ इक्यानबेवाँ अध्याय बालक गुणेश द्वारा कूट तथा मत्स्य आदि रूप धारण करने वाले दैत्यों के वध की लीला-कथा अथः एकनवतितमोऽध्यायः वत्सशैलासुरवध ब्रह्माजी बोले — गुणेश के दूसरे वर्ष की अवस्था की बात है, बालक गुणेश असंख्य बालकों के साथ वाटिका में क्रीड़ा कर रहे थे, वह वाटिका विविध प्रकार के… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-090 October 31, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-090 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ नब्बेवाँ अध्याय बालक गुणेश के द्वारा बारहवें मास में नूपुर तथा अविपुत्र नामक दैत्यों का वध अथः नवतितमोऽध्यायः अविजयवध ब्रह्माजी बोले — बारहवें मास की बात है। एक दिन देवी पार्वती विविध अलंकरणों से अलंकृत करके अपने अद्भुत पुत्र बालक गुणेश को गोद में लेकर अपनी सखियों के साथ बैठी… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-089 October 31, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-089 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ नवासीवाँ अध्याय दसवें मास तथा ग्यारहवें मास की अवस्था में बालक गुणेश द्वारा किये गये आजगरासुर तथा शलभासुर नामक दैत्यों के वध की कथा अथः एकोननवतितमोऽध्यायः शलभासुरवध ब्रह्माजी बोले — [हे व्यासजी !] जब बालक गुणेश का दसवाँ मास चल रहा था। उस समय एक दिन की बात है, जब… Read More
श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-088 October 30, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीगणेशपुराण-क्रीडाखण्ड-अध्याय-088 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अठासीवाँ अध्याय आठवें मास में बालक गुणेश द्वारा किये गये तल्पासुर एवं दुन्दुभि नामक दैत्यों के वध का आख्यान अथः अष्टाशीतितमोऽध्यायः मञ्चकासुरवध व्यासजी बोले — हे ब्रह्मन् ! आपके मुखारविन्द से मैंने बालक गुणेश के द्वारा किये गये अद्भुत चरित्रों को सुना, वे [श्रवण करने से] सब प्रकार के पापों… Read More