भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १२ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १२ देव-प्रतिमा-निर्माण-विधि सूतजी बोले— ब्राह्मणों ! अब मैं प्रतिमा का शास्त्रसम्मत लक्षण कहता हूँ । उत्तम लक्षणों से रहित प्रतिमा का पूजन नहीं करना चाहिये । पाषाण, काष्ठ, मृतिका, रत्न, ताम्र एवं… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १० से ११ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १० से ११ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १० से ११ प्रासाद, उद्यान आदि के निर्माण में भूमि-परिक्षण तथा वृक्षारोपण की महिमा सूतजी बोले — ब्राह्मणों ! देवमन्दिर, तडाग आदि के निर्माण करने में सबसे पहले प्रमाणानुसार गृहीत… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ९ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ९ पूर्त-कर्म – निरूपण सूतजीने कहा — ब्राह्मणों ! युगान्तर में ब्रह्माजी ने जिस अन्तर्वेदि और बहिर्वेदि की बात बतलायी है, वह द्वापर और कलियुग के लिये अत्यन्त उत्तम मानी गयी है… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ७ से ८ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ७ से ८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ७ से ८ पुराण-श्रवण की विधि तथा पुराण-वाचक की महिमा श्रीसूतजी बोले — ब्राह्मणों ! पूर्वकाल में महातेजस्वी ब्रह्माजी ने पुराण-श्रवण की जिस विधि को मुझसे कहा था, उसे मैं… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ६ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ६ माता, पिता एवं गुरु की महिमा श्रीसूतजी बोले — द्विजश्रेष्ठ ! चारों वर्णों के लिये पिता ही सबसे बड़ा अपना सहायक है । पिता के समान अन्य कोई अपना बन्धु नहीं है,… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ५ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ५ ब्राह्मणों की महिमा तथा छब्बीस दोषों का वर्णन श्रीसूतजी बोले — हे द्विजोत्तम ! तीनों वर्णों में ब्राह्मण जन्म से प्रभु हैं । हव्य और कव्य सभी की रक्षा के लिये तपस्या… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ४ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ४ भूगोल एवं ज्योतिश्चक्र का वर्णन श्रीसूतजी बोले — मुनियों ! अब मैं भूर्लोक का वर्णन करता हूँ । भूर्लोक में जम्बू, प्लक्ष, शाल्मलि, कुश, क्रौञ्च, शाक और पुष्कर नाम के सात महाद्वीप… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय २ से ३ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय २ से ३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय २ से ३ सृष्टि तथा सात ऊर्ध्व एवं सात पाताल लोकों का वर्णन श्रीसूतजी बोले — मुनियों ! अब मैं कल्प के अनुसार सैकड़ों मन्वन्तरों के अनुगत ईश्वर-सम्बन्धी कालचक्र का वर्णन… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १ December 21, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय १ गृहस्थाश्रम एवं धर्म की महिमा जयति भुवनदीपो भास्करो लोककर्ता जयति च शितिदेहः शार्ङ्गधन्वा मुरारिः । जयति च शशिमौली रुद्रनामाभिधेयो जयति सकलमौलीर्भानुमांश्चित्रभानुः ॥ ‘संसार की सृष्टि करनेवाले भुवन के दीपस्वरुप भगवान् भास्कर की… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१६ December 20, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २१६ ब्राह्मपर्व—श्रवण का माहात्म्य, पुराण-श्रवण की विधि, पुराणों तथा पुराणवाचक व्यासकी महिमा सुमन्तुजी ने कहा — राजन् ! भविष्यपुराण के इस प्रथम ब्राह्मपर्व के सुनने से मानव सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है तथा… Read More