अग्निपुराण – अध्याय 189 June 29, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 189 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ नवासीवाँ अध्याय श्रवण-द्वादशी व्रत का वर्णन श्रवणद्वादशीव्रतम् अग्निदेव कहते हैं — अब मैं भाद्रपदमास के शुक्लपक्ष में किये जानेवाले ‘श्रवणद्वादशी’ व्रत के विषय में कहता हूँ। यह श्रवण नक्षत्र से संयुक्त होनेपर श्रेष्ठ मानी जाती है एवं उपवास… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 188 June 29, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 188 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ अठासीवाँ अध्याय द्वादशी तिथि के व्रत द्वादशीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — मुनिश्रेष्ठ ! अब मैं भोग एवं मोक्षप्रद द्वादशी सम्बन्धी व्रत कहता हूँ । द्वादशी तिथि को मनुष्य रात्रि को एक समय भोजन करे और किसी से कुछ… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 187 June 29, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 187 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ सतासीवाँ अध्याय एकादशी तिथि के व्रत एकादशीव्रतं अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ! अब मैं भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले एकादशी व्रत का वर्णन करूँगा । व्रत करनेवाला दशमी को मांस और मैथुन का परित्याग कर दे एवं भजन… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 186 June 29, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 186 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ छियासीवाँ अध्याय दशमी तिथि के व्रत दशमीव्रतं अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ! अब मैं दशमी सम्बन्धी व्रत के विषय में कहता हूँ, जो धर्म-कामादि की सिद्धि करनेवाला है। दशमी को एक समय भोजन करे और व्रत के समाप्त… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 185 June 28, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 185 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ पचासीवाँ अध्याय नवमी तिथि के व्रत नवमीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ ! अब मैं भोग और मोक्ष आदि की सिद्धि प्रदान करनेवाले नवमी सम्बन्धी व्रतों का वर्णन करता हूँ। आश्विन के शुक्लपक्ष में ‘गौरी-नवमी का व्रत करके… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 184 June 28, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 184 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ चौरासीवाँ अध्याय अष्टमी-सम्बन्धी विविध व्रत अष्टमीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — मुनिश्रेष्ठ वसिष्ठ ! चैत्रमास के शुक्लपक्ष की अष्टमी को व्रत करे और उस दिन ब्रह्मा आदि देवताओं तथा मातृगणों का जप-पूजन करे। कृष्णपक्ष की अष्टमी को एक वर्ष… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 183 June 28, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 183 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ तिरासीवाँ अध्याय अष्टमी तिथि के व्रत अष्टमीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ! अब मैं अष्टमी को किये जाने वाले व्रतों का वर्णन करूँगा। उनमें पहला रोहिणी नक्षत्रयुक्त अष्टमी का व्रत है। भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की रोहिणी नक्षत्र… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 182 June 28, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 182 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ बयासीवाँ अध्याय सप्तमी तिथि के व्रत सप्तमीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ ! अब मैं सप्तमी तिथि के व्रत कहूँगा । यह सबको भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाला है। माघ मास के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि को (अष्टदल… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 181 June 28, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 181 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ इक्यासीवाँ अध्याय षष्ठी तिथि के व्रत षष्ठीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — अब मैं षष्ठी सम्बन्धी व्रतों को कहता हूँ । कार्तिक के कृष्णपक्ष की षष्ठी को फलमात्र का भोजन करके कार्तिकेय के लिये अर्घ्यदान करना चाहिये। इससे मनुष्य… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 180 June 27, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 180 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ अस्सीवाँ अध्याय पञ्चमी तिथि के व्रत पञ्चमीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — वसिष्ठ ! अब मैं आरोग्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाले पञ्चमी-व्रत का वर्णन करता हूँ। श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक के शुक्लपक्ष की पञ्चमी को वासुकि, तक्षक,… Read More