अग्निपुराण – अध्याय 049 June 9, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 049 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ उनचासवाँ अध्याय मत्स्यादि दशावतारों की प्रतिमाओं के लक्षणों का वर्णन मत्स्यादिदशावतारप्रतिमालक्षणवर्णनम् भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं तुम्हें मत्स्य आदि दस अवतार विग्रहों का लक्षण बताता हूँ। मत्स्य भगवान् की आकृति मत्स्य के समान और कूर्म भगवान्… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 048 June 9, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 048 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अड़तालीसवाँ अध्याय चतुर्विंशति मूर्तिस्तोत्र एवं द्वादशाक्षर स्तोत्र चतुर्विंशतिमूर्तिस्तोत्रकथनम् श्रीभगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! ओंकारस्वरूप केशव अपने हाथों में पद्य, शङ्ख, चक्र और गदा धारण करने वाले हैं ।[^1] नारायण शङ्ख, पद्म, गदा और चक्र धारण करते हैं, मैं… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 047 June 9, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 047 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सैंतालीसवाँ अध्याय शालग्राम-विग्रहों की पूजा का वर्णन शालग्रामादिपूजाकथनम् भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं तुम्हारे सम्मुख पूर्वोक्त चक्राङ्कित शालग्राम-विग्रहों की पूजा का वर्णन करता हूँ, जो सिद्धि प्रदान करने वाली है। श्रीहरि की पूजा तीन प्रकार की… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 046 June 9, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 046 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ छियालीसवाँ अध्याय शालग्राम-मूर्तियों के लक्षण शालग्रामादिमूर्तिनां लक्षणानि भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं शालग्रामगत भगवन् मूर्तियों का वर्णन आरम्भ करता हूँ, जो भोग और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं। जिस शालग्राम शिला के द्वार में दो चक्र… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 045 June 8, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 045 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ पैंतालीसवाँ अध्याय पिण्डिका आदि के लक्षण का वर्णन पिण्डिकालक्षणकथनम् भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं पिण्डिका का लक्षण बता रहा हूँ। पिण्डिका लंबाई में प्रतिमा के समान ही होती है, परंतु उसकी ऊँचाई प्रतिमा से आधी होती… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 044 June 8, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 044 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ चौवालीसवाँ अध्याय वासुदेव आदि की प्रतिमाओं के लक्षण का वर्णन वासुदेवादिप्रातिमालक्षणविधिः भगवान् हयग्रीव बोले — ब्रह्मन् ! अब मैं तुम्हें वासुदेव आदि की प्रतिमा के लक्षण बताता हूँ सुनो। मन्दिर के उत्तर भाग में शिला को पूर्वाभिमुख अथवा उत्तराभिमुख रखकर… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 043 June 8, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 043 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तैंतालीसवाँ अध्याय मन्दिर के देवता की स्थापना और भूतशान्ति आदि का कथन का वर्णन प्रासाददेवतास्थापनम् भूतशान्त्यादिकथनम् हयग्रीवजी कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं मन्दिर में स्थापित करने योग्य देवताओं का वर्णन करूँगा, आप सुनें। पञ्चायतन मन्दिर में जो बीच… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 042 June 8, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 042 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ बयालीसवाँ अध्याय प्रासाद लक्षण वर्णन प्रासादलक्षणकथनम् भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं सर्वसाधारण प्रासाद (देवालय) का वर्णन करता हूँ, सुनो। विद्वान् पुरुष को चाहिये कि जहाँ मन्दिर का निर्माण कराना हो, वहाँ के चौकोर क्षेत्र के सोलह… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 041 June 8, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 041 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इकतालीसवाँ अध्याय शिलान्यास की विधि शिलादिन्यासविधानम् भगवान् हयग्रीव बोले — अब मैं शिलान्यास स्वरूपा पाद-प्रतिष्ठा का वर्णन करूंगा। पहले मण्डप बनाना चाहिये; फिर उसमें चार कुण्ड बनावे। वे कुण्ड क्रमशः कुम्भन्यास[^1] , इष्टकान्यास[^2] , द्वार और खम्भे के शुभ आश्रय… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 040 June 7, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 040 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ चालीसवाँ अध्याय वास्तुमण्डलवर्ती देवताओं के स्थापन, पूजन, अर्घ्यदान तथा बलिदान आदि की विधि वास्तुमण्डलदेवतास्थापनपूजनार्घ्य-दानबलिदानादिविधानादिकथनम् भगवान् हयग्रीव कहते हैं — ब्रह्मन् ! पूर्वकाल में सम्पूर्ण भूत-प्राणियों के लिये भयंकर एक महाभूत था। देवताओं ने उसे भूमि में निहित कर दिया। उसी… Read More