शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 18 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अठारहवाँ अध्याय पार्वती द्वारा गणेश को वरदान, देवों द्वारा उन्हें अग्रपूज्य माना जाना, शिवजी द्वारा गणेश को सर्वाध्यक्षपद प्रदान करना, गणेशचतुर्थीव्रतविधान तथा उसका माहात्म्य, देवताओं का स्वलोक-गमन नारदजी बोले — हे प्रजेश्वर ! जब गिरिजा ने अपने पुत्र को जीवित देख… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 17 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सत्रहवाँ अध्याय पुत्र के वध से कुपित जगदम्बा का अनेक शक्तियों को उत्पन्न करना और उनके द्वारा प्रलय मचाया जाना, देवताओं और ऋषियों का स्तवन द्वारा पार्वती को प्रसन्न करना, शिवजी के आज्ञानुसार हाथी का सिर लाया जाना और उसे गणेश… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 16 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सोलहवाँ अध्याय विष्णु तथा गणेश का युद्ध, शिव द्वारा त्रिशूल से गणेश का सिर काटा जाना ब्रह्माजी बोले — हे नारद ! यह सुनकर भक्तों के ऊपर कृपा करनेवाले महेश्वर ने आपके कहने से उस बालक के साथ युद्ध करने की… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 15 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पन्द्रहवाँ अध्याय गणेश तथा शिवगणों का भयंकर युद्ध, पार्वती द्वारा दो शक्तियों का प्राकट्य, शक्तियों का अद्भुत पराक्रम और शिव का कुपित होना ब्रह्माजी बोले — जब सर्वव्यापक शिवजी ने अपने गणों से इस प्रकार कहा, तब उन्होंने युद्ध का निश्चय… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 14 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौदहवाँ अध्याय द्वाररक्षक गणेश तथा शिवगणों का परस्पर विवाद ब्रह्माजी बोले — तब उन गणों ने क्रुद्ध हो शिवजी की आज्ञा से वहाँ जाकर उन द्वारपाल गिरिजापुत्र से पूछा ॥ १ ॥ शिवगण बोले — तुम कौन हो, कहाँ से आये… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 13 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तेरहवाँ अध्याय गणेशोत्पत्ति का आख्यान, पार्वती का अपने पुत्र गणेश को अपने द्वार पर नियुक्त करना, शिव और गणेश का वार्तालाप सूतजी बोले — तारक के शत्रु कुमार के अद्भुत तथा उत्तम चरित्र को सुनकर प्रसन्न हुए नारदजी ने ब्रह्माजी से… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 12 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बारहवाँ अध्याय विष्णु आदि देवताओं तथा पर्वतों द्वारा कार्तिकेय की स्तुति और वरप्राप्ति, देवताओं के साथ कुमार का कैलासगमन, कुमार को देखकर शिव-पार्वती का आनन्दित होना, देवों द्वारा शिवस्तुति ब्रह्माजी बोले — तारक को मृत देखकर विष्णु आदि देवता तथा अन्य… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 11 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः ग्यारहवाँ अध्याय कार्तिकेय द्वारा बाण तथा प्रलम्ब आदि असुरों का वध, कार्तिकेय चरित के श्रवण का माहात्म्य ब्रह्माजी बोले — हे मुने ! इसी बीच बाण नाम के राक्षस से पीड़ित होकर क्रौंच नाम का एक पर्वत कुमार कार्तिकेय की शरण… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 10 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः दसवाँ अध्याय कुमार कार्तिकेय और तारकासुर का भीषण संग्राम, कार्तिकेय द्वारा तारकासुर का वध, देवताओं द्वारा दैत्यसेना पर विजय प्राप्त करना, सर्वत्र विजयोल्लास, देवताओं द्वारा शिवा-शिव तथा कुमार की स्तुति ब्रह्माजी बोले — शत्रुपक्ष के वीरों का नाश करनेवाले कुमार कार्तिकेय… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [चतुर्थ-कुमारखण्ड] – अध्याय 09 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः नौवाँ अध्याय ब्रह्माजी का कार्तिकेय को तारक के वध के लिये प्रेरित करना, तारकासुर द्वारा विष्णु तथा इन्द्र की भर्त्सना, पुनः इन्द्रादि के साथ तारकासुर का युद्ध ब्रह्माजी बोले — हे देवदेव ! हे गुह ! हे स्वामिन् ! हे शंकरपुत्र… Read More