भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय १५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय १५ वसु देवताओं के अंश से कुबेर आदि की उत्त्पति रामायण की संक्षिप्त कथा तथा त्रिलोचन वैश्योत्पत्ति का वर्णन सूत जी बोले — भृगुवर्य एवं महाभाग ! बृहस्पति द्वारा कथित उस वसुमाहात्म्य का… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय १४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय १४ रुद्रमाहात्म्य, भव के अंश से रामानुजाचार्य का आविर्भाव बृहस्पति बोले — जिस समय यह सदसदात्मक दृश्य (स्थूल प्रपञ्च-जगत्) महाप्रलय में विलीन हो जाने के कारण दिखाई नहीं देता है, उस समय देवल… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय १३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय १३ अघोरपंथी भैरव हनुमज्जन्म, रुद्रमाहात्म्य और बालशर्मा की उत्पत्ति का वर्णन बृहस्पति बोले — अव्यक्तजन्मा ब्रह्मा ने सोलह वर्ष तक कमल में स्थित रहने के उपरान्त पुनः सृष्टि करने का प्रयत्न किया ।… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय १२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय १२ भारती, गोरखनाथ, क्षेत्रशर्मा और ढुण्ढिराज की उत्पत्ति का वर्णन सूत जी बोले — बृहस्पति की कही हुई कथा मैं पुनः कह रहा हूँ, सुनो ! पहले हिर्बु नामक एक दानव हुआ था,… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय ११ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय ११ आनन्दगिरि, वनशर्मा और पुरीशर्मा की उत्पत्ति का वर्णन बृहस्पति जी बोले — पहले समय में नैमिषारण्य स्थान में एक अजगर नामक ब्राह्मण रह रहा था, जो वेदान्तशास्त्र में निपुण, शनि और शिव… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय १० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय १० कृष्णचैतन्य, वाल्मीकि और शङ्कराचार्य समुत्पत्ति का वर्णन बृहस्पति जी बोले — पहले कोई विष्णुशर्मा नामक ब्राह्मण था, जो वेद का मर्मज्ञ तथा प्रसन्नचित्त होकर नित्य सर्वदेवमय विष्णु की आराधना करता था ।… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय ९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय ९ धन्वंतरि, सुश्रुत, जयदेव समुत्पति का वर्णन सूतजी बोले — प्रयाग तीर्थ में भगवान् बृहस्पति ने देवों को सूर्य का उत्तम माहात्म्य सुनाकर पुनः कहना आरम्भ किया । सुरोत्तम ! पहले त्रेतायुग के… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय ८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय ८ मध्वाचार्य, श्रीधराचार्य, विष्णुस्वामि, वाणीभूषण, भट्टोजिदीक्षित तथा वराहमिहिराचार्य आदि की उत्पत्ति का वर्णन बृहस्पति जी बोले — इन्द्र ! पहले त्रेतायुग में अयोध्यापुरी में शक्रशर्मा नामक एक ब्राह्मण उत्पन्न हुआ, जो अत्यन्त पुण्य… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय ७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय ७ भगवान् सूर्य के तेज से आचार्य ईश्वरपुरी, आचार्य रामानन्द तथा निम्बार्काचार्य की उत्पत्ति का वर्णन ऋषियों ने कहा — ब्रह्मन् ! भगवान् बृहस्पति ने वहाँ एकत्र स्थित देववृन्दों से मण्डलस्थ सूर्यदेव के… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व चतुर्थ – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — चतुर्थ भाग) अध्याय ६ दिल्ली नगर पर पठानों का आसन और तैमूरलंग का उत्पात महर्षि शौनक बोले — मुनिश्रेष्ठ ! (पृथ्वीराज) के पश्चात् कौन-कौन राजा हुए । महाभाग ! इसे हमें बताने की कृपा करें, क्योंकि… Read More