कामाख्या-मन्त्र-प्रयोग September 6, 2015 | aspundir | 1 Comment श्री कामाख्या-मन्त्र-प्रयोग विनियोगः- ॐ अस्य श्रीकामाख्या-मन्त्रस्य वह्निक ऋषिः, जगती छन्दः, कामाख्या देवता, प्रणवः शक्तिः अव्यक्तं कीलकं, अमुक-कर्मणि जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यासः- वह्नि-ऋषये नमः शिरसि, जगती-छन्दसे नमः मुखे, कामाख्या-देवतायै नमः हृदये, प्रणव (ॐ) शक्तये नमः पादयोः, अव्यक्तं कीलकाय नमः नाभौ, अमुक-कर्मणि जपे विनियोगाय नमः सर्वांगे।… Read More
कामाख्या-कवच September 6, 2015 | aspundir | Leave a comment महा-भागवत पुराणोक्त ‘कामाख्या-कवच’ श्री महादेव उवाच (पूर्व-पीठिका)- अमायां वा चतुर्दश्यामष्टम्यां वा दिन-क्षये। नवम्यां रजनी-योगे, योजयेद् भैरवी-मनुम्।। क्षेत्रेऽस्मिन् प्रयतो भूत्वा, निर्भयः साहसं वहन्। तस्य साक्षाद् भगवती, प्रत्यक्षं जायते ध्रुवम्।। आत्म-संरक्षणार्थाय, मन्त्र-संसिद्धयेऽपि च। यः पठेत् कवचं देव्यास्ततो भीतिर्न जायते।। तस्मात् पूर्वं विधायैवं, रक्षां सावहितो नरः। प्रजपेत् स्वेष्ट-मन्त्रस्तु, निर्भीतो मुनि-सत्तम!।।… Read More
सन्तानगोपाल स्तोत्र September 6, 2015 | aspundir | Leave a comment सन्तानगोपाल स्तोत्र ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते । देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय । सन्तानगोपालस्तोत्रं श्रीशं कमलपत्राक्षं देवकीनन्दनं हरिम् । सुतसंप्राप्तये कृष्णं नमामि मधुसूदनम् ॥१॥… Read More
प्रणतः क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः September 5, 2015 | aspundir | Leave a comment भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न मन्त्र आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं (१) एकाक्षर कृष्णः क॰ “क्लीं” (हिन्दी-तन्त्रसार / मेरुतन्त्र) ख॰ “ग्लौं” (मेरु-तन्त्र) ग॰ बाल-गोपाल-मन्त्र- “कृः” (हिन्दी-तन्त्रसार) घ॰ बाल-गोपाल-मन्त्र- “कृं” (मेरु-तन्त्र)… Read More
भगवान् श्रीकृष्णोपासना September 5, 2015 | aspundir | Leave a comment भगवान् श्रीकृष्णोपासना मन्त्रः- “ॐ क्लीं ग्लौं क्लीं कृष्णाय क्लीं ग्लौं क्लीं ॐ” विनियोगः- ॐ अस्य श्री एकादशाक्षर श्रीकृष्ण-मन्त्रस्य भगवान् नारद ऋषिः, गायत्री छन्दः, श्रीकृष्ण परमात्मा देवता, ॐ इति शक्तिः, क्लीं बीजं, ग्लौं कीलकं, भगवान्-श्रीकृष्ण-परमात्मा-प्रीत्यर्थे जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यासः- श्रीनारद ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छन्दसे नमः मुखे, श्रीकृष्ण परमात्मा देवतायै नमः हृदि, ॐ इति शक्तये नमः नाभौ,… Read More
श्रीकृष्णस्तवराजः September 5, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीकृष्णस्तवराजः ॥ श्रीमहादेव उवाच ॥ श्रृणु देवि प्रवक्ष्यामि स्तोत्रं परमदुर्लभम् । यज्ज्ञात्वा न पुनर्गच्चेन्नरो निरययातनाम् ॥ १ ॥ नारदाय च यत्प्रोक्तं ब्रह्मपुत्रेण धीमता । सनत्कुमारेण पुरा योगींद्रगुरुवर्त्मना ॥ २ ॥… Read More
सर्व-सिद्ध-प्रद ब्रह्माण्ड-पावन श्रीकृष्ण कवच September 5, 2015 | aspundir | 1 Comment सर्व-सिद्ध-प्रद ब्रह्माण्ड-पावन श्रीकृष्ण कवच ॥ ब्रह्मोवाच ॥ राधाकान्त महाभाग ! कवचं यत् प्रकाशितं । ब्रह्माण्ड-पावनं नाम, कृपया कथय प्रभो ! ॥ १ ॥ मां महेशं च धर्मं च, भक्तं च भक्त-वत्सल । त्वत्-प्रसादेन पुत्रेभ्यो, दास्यामि भक्ति-संयुतः ॥ २ ॥ ब्रह्माजी बोले – हे महाभाग ! राधा-वल्लभ ! प्रभो ! ‘ब्रह्माण्ड-पावन’ नामक जो कवच आपने प्रकाशित… Read More
नागपत्नीकृतं श्रीकृष्णस्तोत्रं September 5, 2015 | aspundir | Leave a comment नागपत्नीकृतं श्रीकृष्णस्तोत्रं ।।सुरसोवाच।। हे जगत्कान्त कान्तं मे देहि मानं च मानद । पतिः प्राणाधिकः स्त्रीणां नास्ति बन्धुश्च तत्परः ।।१ अयि सुरवरनाथ प्राणनाथं मदीयं न कुरु वधमनन्तप्रेमसिन्धो सुबन्धो । अखिलभुवनबन्धो राधिकाप्रेमसिन्धो पतिमिह कुरु दानं मे धिधातुर्विधातः ।।२ त्रिनयनविधिशेषाः षण्मुखश्चास्यसङ्घैः स्तवनविषयजाड्याः स्तोतुमीशा न वाणी । न खलु निखिलवेदाः स्तोतुमन्येऽपि देवाः स्तवनविषयशक्ताः सन्ति सन्तस्तवैव ।।३… Read More
शीघ्र विवाह के टोटके September 2, 2015 | aspundir | Leave a comment शीघ्र विवाह के टोटके १॰ जिस समय भी कन्या के परिजन वर पक्ष से विवाह वार्ता करने के लिए जाएँ, उस समय कन्या प्रसन्नतापूर्वक उन्हें मिष्ठान्न खिलाकर विदा करे तथा अपने बालों को खोले रखें। २॰ विवाह के लिए वर पक्ष के घर में प्रवेश करते समय कन्या के पिता अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को… Read More
उड़िया विलंकारामायण September 2, 2015 | aspundir | Leave a comment उड़िया विलंकारामायण उड़िया भाषा में एक ऐसी रामायण लिखी गई, जिसकी विषयवस्तु वाल्मीकि रामायण, अध्यात्म रामायण एवं रामचरितमानस से सर्वथा भिन्न है । इस ग्रन्थ का नाम है विलंकारामायण । इसके रचयिता हैं उड़िया के आदिकवि शारलादास । ऐसा माना जाता है कि उन्होंने इसकी रचना जगन्नाथपुरी के राजा गजपति गौड़ेश्व कपिलेन्द्रदेव के शासनकाल (1452-1479… Read More