श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-75 August 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-75 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पचहत्तरवाँ अध्याय गङ्गाजी का अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र तथा उसका माहात्म्य अथः पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः श्रीमहादेवनारदसंवादे श्रीगङ्गादेव्या अष्टोत्तरशतनामपूर्वकमाहात्म्यवर्णनं श्रीनारदजी बोले — परमेश्वर ! आपने बताया कि ‘गङ्गा’ नाम परम पुण्यदायी है । गङ्गा के और भी कितने श्रेष्ठ नाम हैं, उन्हें मुझे बताइये ॥ १ ॥ श्रीमहादेवजी बोले —… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-74 August 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-74 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ चौहत्तरवाँ अध्याय गङ्गामाहात्म्य-कथन के प्रसंग में धनाधिप वैश्य की कथा अथः चतुःसप्ततितमोऽध्यायः गङ्गामाहात्म्ये शृगालकवलितस्यारण्यमृतधनाधिपमांसस्य गङ्गाजलस्पर्शेन धनाधिपमुक्तिपदगमनं श्रीमहादेवजी बोले — मुनिश्रेष्ठ ! ज्ञानपूर्वक गङ्गा में देहत्याग करने वाला मनुष्य पाप से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर लेता है ॥ १ ॥ महापातकी मनुष्य अज्ञानतापूर्वक भी उसमें… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-73 August 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-73 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ तिहत्तरवाँ अध्याय गङ्गास्नान की महिमा, गङ्गा के समीप श्राद्ध, जप, दान तथा तर्पण का माहात्म्य और काशी की महिमा अथः त्रिसप्ततितमोऽध्यायः श्रीमहादेवनारदसंवादे श्रीगङ्गामाहात्म्यकथनं श्रीमहादेवजी बोले — मुनिश्रेष्ठ ! ब्रह्महत्या करने वाला, गोवध करने वाला, सुरापान करने वाला तथा गुरुपत्नीगामी महापापी भी गङ्गा में स्नान कर… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-72 August 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-72 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ बहत्तरवाँ अध्याय गङ्गाजी के स्मरण, दर्शन और स्नान का माहात्म्य, गङ्गाजी की महिमा के संदर्भ में सर्वान्तक व्याध का आख्यान अथः द्विसप्ततितमोऽध्यायः श्रीमहादेवनारदसंवादे श्रीगङ्गामाहात्म्यकथनं श्रीमहादेवजी बोले — ये पुण्यमयी गङ्गा अपना दर्शन करने तथा अपने जल का स्पर्श करने मात्र से प्राणियों के महापातकों का… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-71 August 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-71 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ इकहत्तरवाँ अध्याय भगवती गङ्गा का पाताललोक में प्रवेश कर सगरपुत्रों का उद्धार करना अथः एकसप्ततितमोऽध्यायः श्रीगङ्गाविवरस्थलद्वारात्पातालप्राप्तिः श्रीमहादेवजी बोले — महामुने ! तब भगवती गङ्गा समुद्र के साथ संयुक्त हो विवर से होकर अत्यन्त प्रसन्नतापूर्वक पाताल पहुँचकर कपिलमुनि के निकट गयीं ॥ ११/२ ॥ कपिलमुनि ने… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-70 August 10, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-70 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ सत्तरवाँ अध्याय भगवती भागीरथी का हरिद्वार, प्रयाग होते हुए काशी- आगमन, जह्नुऋषि के आश्रम में जाना और फिर समुद्रतट पर पहुँचना अथः सप्ततितमोध्यायः श्रीजह्नुतनयासमुद्रतीरप्राप्तिः श्रीमहादेवजी बोले — इस प्रकार महादेवी गङ्गा बहुत योजन दूरी को पारकर उन महात्मा राजा भगीरथ के साथ हरिद्वार आ गयीं… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-69 August 10, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-69 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उनहत्तरवाँ अध्याय भगवान् शंकर के जटाजूट से निकलकर गङ्गा का भूतल पर आगमन, मेना और हिमालय द्वारा उनका पूजन अथः एकोनसप्ततितमोऽध्यायः शम्भोर्जटाजूटं निर्भिद्य मेनाहिमाचलदर्शनपूजनानन्तरं भूपृष्ठागमनं श्रीमहादेवजी बोले — ज्येष्ठमास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि को महापापी जनों के भी उद्धार के लिये भगवती गङ्गा प्रकट… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-68 August 10, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-68 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ अड़सठवाँ अध्याय भगवती गङ्गा का भगवान् विष्णु के चरणकमलों से निकलकर सुमेरु पर्वत पर आना, पृथ्वी द्वारा गङ्गा की स्तुति, इन्द्र की प्रार्थना पर गङ्गा की एक धारा का स्वर्ग में प्रतिष्ठित होना तथा दूसरी धारा का सुमेरु के दक्षिण शिखर का भेदन करना अथः… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-67 August 10, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-67 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ सड़सठवाँ अध्याय भगीरथ द्वारा अनेक नामों से भगवान् शिव का स्तवन तथा मनोभिलषित वर की प्राप्ति, शिवसहस्रनाम स्तोत्र पाठ का माहात्म्य अथः सप्तषष्टितमोऽध्यायः श्रीशिवनारदसंवादे गङ्गाया आगमनोपाख्यानं भगीरथमुखनिर्गत शिवसहस्रनाम कथनं भगीरथ बोले — पार्वतीनाथ, देवदेव, परात्पर, अच्युत, अनघ, पञ्चास्य, भीमास्य, रुचिरानन, ओङ्कारस्वरूप आपको नमस्कार है ।… Read More
श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-66 August 10, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमहाभागवत [देवीपुराण]-अध्याय-66 ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ छाछठवाँ अध्याय ब्रह्माजी द्वारा भगवती गङ्गा की प्रार्थना करना तथा गङ्गा द्वारा पुनः तीनों लोकों में आने का आश्वासन देना, भगीरथ द्वारा भगवान् विष्णु, भगवती गङ्गा और भगवान् शिव की आराधना अथः षट्षष्टितमोऽध्यायः भगीरथगङ्गासंवादे श्रीशिवदर्शनप्राप्तिः श्रीमहादेवजी बोले — मुनि श्रेष्ठ ! देववन्दित पितामह ब्रह्माजी ने… Read More