श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -043 January 19, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -043 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ तैंतालीसवाँ अध्याय शिलाद द्वारा पुत्र नन्दिकेश्वर को वेदादि की शिक्षा प्रदान करना, ऋषियों द्वारा नन्दिकेश्वर की आयु अल्प बताने पर शिलाद का दुःखी होना तथा नन्दिकेश्वर द्वारा त्र्यम्बकमन्त्र का जप एवं महेश्वर- पार्वती द्वारा उन्हें अपने पुत्ररूप में अमर होने का वरदान देना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे त्रिचत्वारिंशोऽध्यायः नन्दिकेश्वरप्रादुर्भावनन्दिकेश्वराभिषेकमन्त्र नन्दिकेश्वर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -042 January 19, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -042 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ बयालीसवाँ अध्याय शिलाद द्वारा तप करने से भगवान् महेश्वर का नन्दी नाम से उनके पुत्र के रूप में प्रकट होना और शिलाद द्वारा नन्दिकेश्वर शिव की स्तुति श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे द्विचत्वारिंशोऽध्यायः नन्दिकेश्वरोत्पत्ति सूतजी बोले — वर प्रदान करने वाले पुण्यशाली सहस्रनेत्र इन्द्र के चले जाने पर वे शिलाद महादेव… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -041 January 19, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -041 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ इकतालीसवाँ अध्याय विभिन्न कल्पों में त्रिदेवों का परस्पर प्राकट्य तथा ब्रह्मा द्वारा महेश्वर की नामाष्टक स्तुति का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकचत्वारिंशोऽध्यायः इन्द्रवाक्यं इन्द्र बोले — तत्पश्चात् एक हजार चतुर्युगी के व्यतीत हो जाने पर प्रभात वेला में भगवान् ब्रह्मा ने नष्ट हुई प्रजाओं का पुनः पूर्ववत् सृजन किया… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -040 January 18, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -040 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चालीसवाँ अध्याय कलियुग के धर्मों का वर्णन, कलियुग में धर्म आदि का ह्रास तथा स्वल्प भी धर्माचरण का महत्फल एवं कलियुग के अन्त में पुनः सत्ययुग की प्रवृत्ति श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे चत्वारिंशोऽध्यायः चतुर्युगपरिमाणं इन्द्र बोले — [ हे शिलाद !] कलियुग में तमोगुण से व्याकुल इन्द्रियों वाले मनुष्य माया… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -039 January 18, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -039 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ उनतालीसवाँ अध्याय सत्ययुग, त्रेतायुग तथा द्वापरयुग का वर्णन, द्वापर में वेदसंहिता के विभाजन का एवं कल्पभेद से विविध पुराणों के अनुक्रम का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकोनचत्वारिंशोऽध्यायः चतुर्युगधर्माणां वर्णनं नन्दीश्वर बोले — [हे सनत्कुमार!] इन्द्र का कथन सुनकर मेरे पिता महामुनि शिलाद ने दोनों हाथ जोड़कर देवेश इन्द्र को… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -038 January 18, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -038 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अड़तीसवाँ अध्याय विष्णु द्वारा महेश्वर के माहात्म्य का कथन तथा नारायण द्वारा सृष्टि का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अष्टत्रिंशोऽध्यायः वैष्णवकथनं नन्दीश्वर बोले — तदनन्तर महेश्वर महादेव के चले जाने पर ब्रह्माजी से उत्पन्न भगवान् विष्णु पद्मयोनि पितामह को उद्देश्य करके प्रणामकर उनसे कहने लगे ॥ १ ॥ श्रीविष्णु बोले… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -037 January 18, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -037 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सैंतीसवाँ अध्याय नन्दी के जन्म का वृत्तान्त, ब्रह्मा तथा विष्णु का परस्पर संवाद और शिव द्वारा दोनों पर अनुग्रह करना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे सप्तत्रिंशोऽध्यायः ब्रह्मणो वरप्रदानं सनत्कुमार बोले — [ हे नन्दीश्वर ! ] आपको पार्वतीपति महादेव का सान्निध्य कैसे प्राप्त हुआ ? हे प्रभो ! मैं इससे सम्बन्धित… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -036 January 18, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -036 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ छत्तीसवाँ अध्याय राजा क्षुप द्वारा विष्णु की आराधना, विष्णु द्वारा शिवभक्तों की महिमा का कथन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे षट्त्रिंशोऽध्यायः क्षुपदधीचिसंवाद नन्दीश्वर बोले — [ हे सनत्कुमारजी!] उन राजा क्षुप की आराधना से प्रसन्न होकर देवताओं तथा दैत्यों से पूजित, हाथों में शंख-चक्र-गदा-पद्म धारण किये हुए, पीत वस्त्र पहने हुए,… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -035 January 16, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -035 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पैंतीसवाँ अध्याय महर्षि दधीच एवं राजा क्षुप की कथा तथा महामृत्युंजय मन्त्र की स्वरूपमीमांसा श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे पञ्चत्रिंशोऽध्यायः क्षुपाभिधनृपपराभववर्णनं सनत्कुमार बोले — हे सुव्रत ! मुनि दधीच ने समर में देवदेव नारायण को जीतकर राजा क्षुप के ऊपर अपने पैर से प्रहार क्यों किया ? और उन महातपस्वी ने… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -034 January 16, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -034 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चौंतीसवाँ अध्याय भगवान् शिव द्वारा भस्म, भस्मस्नान एवं शिवयोगियों की महिमा का प्रतिपादन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे चतुस्त्रिंशोऽध्यायः योगिप्रशंसा भगवान् शिव बोले — हे मुनीश्वर ! इन सबके माहात्म्य से ‘युक्त कथा के सारभाग का वर्णन मैं आप लोगों से करूँगा। सोम का कारणस्वरूप अग्नि मैं हूँ तथा अग्निसंयुक्त सोम… Read More