श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -033 January 16, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -033 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ तैंतीसवाँ अध्याय मुनियों को शिवभक्ति का उपदेश श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे त्रयस्त्रिंशोऽध्यायः ऋषिवाक्यं नन्दीश्वर बोले — उन मुनियों के द्वारा संस्तुत भगवान् महेश्वर उनकी स्तुति सुनकर उनके प्रति अनुग्रहशील होकर अत्यन्त प्रसन्न हुए और उनसे यह वचन बोले ॥ १ ॥ जो विप्र आप लोगों द्वारा की गयी स्तुति को… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -032 January 16, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -032 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ बत्तीसवाँ अध्याय मुनियों द्वारा की गयी शिवस्तुति श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे द्वात्रिंशोऽध्यायः शिवस्तुतिवर्णनं ऋषिगण बोले — दिशाओं को वस्त्ररूप में धारण करने वाले, शाश्वत, प्रलय के कारण, त्रिशूलधारी, विकट रूप वाले, कराल (संसाररूपी वृक्ष के लिये कुठार स्वरूप) तथा भीषण वदन वाले शिव को नमस्कार है ॥ १ ॥ बिना… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -031 January 16, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -031 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ इकतीसवाँ अध्याय देवदारुवन निवासी मुनिगणों द्वारा शिवाराधना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकत्रिंशोऽध्यायः मुनिकृतं शिवस्तोत्रवर्णनं सनत्कुमार बोले — हे प्रभो ! देवदारुवन के निवासी [ तपस्वीगण] भगवान् शिव के अनुग्रह से किस प्रकार उन महादेव के शरण को प्राप्त हुए ? कृपा करके मुझे बतायें ॥ १ ॥ शैलादि बोले — … Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -030 January 15, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -030 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ तीसवाँ अध्याय शिवाराधना के माहात्म्य में श्वेतमुनि का आख्यान श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे त्रिंशोऽध्यायः शिवाराधनमहिमवर्णनं नन्दिकेश्वर बोले — तत्पश्चात् उन ब्रह्माजी के इस प्रकार कहने पर द्विजश्रेष्ठ महर्षियों ने उनसे श्वेतमुनि की पुण्यप्रद कथा पूछी — ॥ १ ॥ पितामह बोले — समाप्त आयुवाले श्वेत नामक एक श्रीयुक्त मुनि गिरि… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -029 January 15, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -029 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ उनतीसवाँ अध्याय देवदारुवन का वृत्तान्त, अतिथि माहात्म्य में सुदर्शन मुनि का आख्यान तथा संन्यास धर्म का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकोनत्रिंशोऽध्यायः देवदारुवनवृत्तान्तवर्णनं सनत्कुमारजी बोले — हे विभो ! प्राचीनकाल में दारुवन में तपस्या से भावित आत्मा वाले उन वनवासी मुनियों के साथ जो भी घटित हुआ, उसे मैं इस… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -028 January 15, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -028 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अट्ठाईसवाँ अध्याय भगवान् महेश्वर के आभ्यन्तर पूजन का स्वरूप, सकल तथा निष्कल तत्त्व की व्याख्या, छब्बीस तत्त्वों का परिगणन एवं सम्पूर्ण चराचर जगत् की शिवरूपता श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अष्टाविंशोऽध्यायः शिवार्चनतत्त्वसंख्यादिवर्णनं शैलादि बोले — अपने हृदय में अग्निमण्डल, सूर्यमण्डल तथा चन्द्रमण्डल का ध्यान करे । पुनः क्रम से उसके ऊपर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -027 January 15, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -027 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सत्ताईसवाँ अध्याय लिङ्गार्चनविधि के अन्तर्गत महेश्वरस्वरूप होकर विविध उपचारों द्वारा लिङ्गपूजा का विधान, लिङ्गाभिषेक की महिमा तथा अभिषेक के मन्त्र श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे सप्तविंशोऽध्यायः लिङ्गार्चनविधिः शैलादि बोले — [ हे सनत्कुमार!] सुनिये, अब मैं संक्षेप में ही क्रम से लिङ्गार्चन – विधि का वर्णन करूँगा; क्योंकि विस्तार के साथ… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -026 January 15, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -026 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पचीसवाँ अध्याय लिङ्गार्चन विधि के अन्तर्गत शरीर एवं मन की शुद्धि के लिये अन्तः एवं बाह्य स्नान की प्रक्रिया और विविध मन्त्रों से आत्माभिषेचन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे षड्विंशोऽध्यायः पञ्चयज्ञविधानं नन्दिकेश्वर बोले — [हे सनत्कुमार!] इस विधि से स्नान करने के पश्चात् ‘आयातु वरदा देवी’ ॐ आयातु वरदे देवि त्र्यक्षरे… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -025 January 14, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -025 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पचीसवाँ अध्याय लिङ्गार्चन विधि के अन्तर्गत शरीर एवं मन की शुद्धि के लिये अन्तः एवं बाह्य स्नान की प्रक्रिया और विविध मन्त्रों से आत्माभिषेचन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे पञ्चविंशोऽध्यायः स्नानविधि ऋषिगण बोले — हे सूतजी ! लिङ्गस्वरूप महेश्वर महादेव की पूजा किस प्रकार की जानी चाहिये ? अब आप हमलोगों… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -024 January 14, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -024 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चौबीसवाँ अध्याय श्वेतवाराहकल्प के अट्ठाईस द्वापरों के अन्त में प्रकट होने वाले अट्ठाईस व्यासों, अट्ठाईस शिवावतारों तथा विविध शिवयोगियों का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे चतुर्विंशोऽध्यायः विविधव्यासावतारवर्णनं सूतजी बोले — [हे मुनियो ! ] शिव के द्वारा कथित सम्पूर्ण वचनों को सुनकर प्रजापति ब्रह्मा ने उन देवाधिदेव शिव को प्रणाम… Read More