भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३९ षष्ठी – कल्प – निरूपण में स्कन्द – षष्ठी – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं षष्ठी तिथि-कल्प का वर्णन करता हूँ । यह तिथि सभी मनोरथों को पूर्ण… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३६ से ३८ सर्पों की भिन्न-भिन्न जातियाँ, सर्पों के काटने के लक्षण, पञ्चमी तिथि का नागों से सम्बन्ध और पञ्चमी-तिथि में नागों के पूजन का फल एवं विधान गौतम मुनि ने कश्यपजी से… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- ३५ सर्पों के विष का वेग, फैलाव तथा सात धातुओं में प्राप्त विष के लक्षण और उनकी चिकित्सा कश्यपजी बोले – गौतम ! यदि यह ज्ञात हो जाय कि सर्प ने अपनी यमदूती नामक दाढ़ से… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३४ विभिन्न तिथियों एवं नक्षत्रों में कालसर्प से डँसे हुए पुरुष के लक्षण, नागों की उत्पत्ति की कथा कश्यप मुनि बोले – गौतम ! अब मैं कालसर्प से काटे हुए पुरुष का लक्षण कहता हूँ,… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३३ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३३ सर्पों के लक्षण, स्वरुप और जाति… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३२ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३२ पञ्चमी-कल्प का आरम्भ, नागपञ्चमी की कथा, पञ्चमी-व्रत का विधान और फल सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं पञ्चमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । पञ्चमी तिथि नागों को अत्यन्त प्रिय है और उन्हें… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३१ चतुर्थी – कल्प में शिवा, शान्ता तथा सुखा – तीन प्रकार की चतुर्थी का फल और उनका व्रत-विधान सुमन्तु मुनिने कहा – राजन् ! चतुर्थी तिथि तीन प्रकार की होती है – शिवा, शान्ता… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २९ से ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २९ से ३० विनायक – पूजा का माहात्म्य शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप मुझे भगवान् गणेश की आराधना के विषय में बतलाये । सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! भगवान् गणेश की आराधना में किसी तिथि, नक्षत्र या उपवासादि… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २८ स्त्रियों के शुभाशुभ- लक्षण ब्रह्माजी बोले – कार्तिकेय ! स्त्रियों के जो लक्षण मैंने पहले नारदजी को बतलाये थे, उन्हीं शुभाशुभ-लक्षणों को बताता हूँ । आप सावधान होकर सुनें – शुभ मुहूर्त में कन्या के हाथ, पैर, अँगुली, नख, हाथ की… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २७ ॐ श्रीपरमात्मने नम: श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- २७ राजपुरुषों के लक्षण कार्तिकेयजी ने कहा – ब्रह्मन् ! आप राजाओं के शरीर के अङ्गों के लक्षणों को बताने की कृपा करें । ब्रह्माजी बोले – मैं मनुष्यों में राजाओं के अङ्गों के लक्षणों को संक्षेप में बताता हूँ । यदि ये… Read More