श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -083 January 29, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -083 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ तिरासीवाँ अध्याय विभिन्न मासों में किये जाने वाले शिवव्रतों का विधान श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे त्र्यशीतितमोऽध्यायः शिवव्रतकथनं ऋषिगण बोले — [ हे सूतजी !] हम लोगों ने आदरपूर्वक पवित्र व्यपोहनस्तव को सुन लिया; अब आप प्रसंग से लिङ्गदान के व्रतों को भी हम लोगों को बताइये ॥ १ ॥ सूतजी… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -082 January 29, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -082 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ बयासीवाँ अध्याय सभी पापों का उच्छेदक तथा शिवसायुज्य प्रदान करने वाला व्यपोहनस्तव और उसके पाठ का फल श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे द्व्यशीतितमोऽध्यायः व्यपोहनस्तव निरूपणं सूतजी बोले — [ हे ऋषियो !] अब मैं सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाले मंगलमय व्यपोहन स्तव को बताऊँगा; इसे नन्दी के मुख से सुनकर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -081 January 29, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -081 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ इक्यासीवाँ अध्याय विविध मासों में किये जाने वाले पशुपाशविमोचक लिङ्गव्रत का विधान तथा उसका माहात्म्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकाशीतितमोऽध्यायः पशुपाशविमोचनलिङ्गपूजादिकथनं ऋषिगण बोले — [हे सूतजी!] आपने पशुपाश से मुक्त करने वाले इस व्रत को बता दिया; पूर्वकाल में देवताओं ने लिङ्गसम्बन्धी पाशुपतव्रत का अनुष्ठान किया था, अतः आपने पहले… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -080 January 28, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -080 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अस्सीवाँ अध्याय देवताओं का कैलासपुरी आकर वहाँ विराजमान उमासहित भगवान् शिव के दर्शन करना तथा भगवान् शिव द्वारा देवताओं को पाशुपतव्रत का उपदेश प्रदान करना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अशीतितमोऽध्यायः पाशुपतव्रतमाहात्म्यं ऋषिगण बोले — [ हे सूतजी ! ] पशुपति का दर्शन करके पशुपाश से मुक्ति किस प्रकार होती है;… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -079 January 28, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -079 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ उन्यासीवाँ अध्याय शिवपूजा से सभी का कल्याण, शिवपूजा की विधि एवं शिवमन्दिर में दीपदान की महिमा श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकोनाशीतितमोऽध्यायः शिवार्चनविधि ऋषिगण बोले — हे महामते ! मन्दबुद्धि वाले, अल्प आयु वाले, अल्प पराक्रम वाले तथा अल्प सामर्थ्य वाले मनुष्यों को प्रजापति महादेव की पूजा किस प्रकार करनी चाहिये… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -078 January 28, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -078 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अठहत्तरवाँ अध्याय शिवाचार के परिपालन में अहिंसाधर्म की महिमा एवं शिवभक्ति का माहात्म्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अष्टसप्ततितमोऽध्यायः भक्तिमहिमवर्णनं सूतजी बोले — हे श्रेष्ठ मुनियो ! शिवक्षेत्र में वस्त्र के द्वारा छाने हुए पवित्र जल से ही उपलेपन-कार्य करना चाहिये; अन्यथा सिद्धि नहीं मिलती है। हे श्रेष्ठ मुनियो ! विशेषकर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -077 January 28, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -077 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सतहत्तरवाँ अध्याय शिवमन्दिरों के निर्माण का फल, शिवक्षेत्रों तथा शिवतीर्थों के सेवन की महिमा, शिवमन्दिर के उपलेपन आदि का माहात्म्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे सप्तसप्ततितमोऽध्यायः उपलेपनादिकथनं ऋषिगण बोले — [हे सूतजी!] हम लोगों ने आपके मुख से लिङ्ग की स्थापना, लिङ्गप्रतिष्ठा के फल तथा लिङ्गों के भेदों को सुना; अब… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -076 January 28, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -076 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ छिहत्तरवाँ अध्याय विविध शिवस्वरूपों की प्रतिष्ठा एवं उपासना का फल श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे षट्सप्ततितमोऽध्यायः शिवमूर्तिप्रतिष्ठाफलकथनं सूतजी बोले — [ हे विप्रो ! ] इसके आगे मैं सभी लोकों के कल्याण के लिये अपनी इच्छा से उनके विग्रह की उत्पत्ति तथा [मूर्ति ] प्रतिष्ठा के सम्पूर्ण फल का वर्णन करूँगा… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -075 January 26, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -075 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पचहत्तरवाँ अध्याय शिव के निर्गुण एवं सगुणस्वरूप का निरूपण श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः शिवाद्वैतकथनं ऋषिगण बोले — निष्कल (निर्गुण), निर्मल तथा नित्य (शाश्वत) शिव सकलत्व (सगुणता ) – को कैसे प्राप्त हुए? [हे सूतजी!] आपने जैसा पहले सुना है, उसे हम लोगों को बताइये ॥ १ ॥ सूतजी बोले… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -074 January 26, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -074 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चौहत्तरवाँ अध्याय ब्रह्मा की आज्ञा से विश्वकर्मा द्वारा विभिन्न लिङ्गों का निर्माण करके देवताओं को प्रदान करना एवं देवताओं द्वारा उन-उन लिङ्गों का पूजन, लिङ्गों के विविध भेद तथा उनकी स्थापना का माहात्म्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे चतुःसप्ततितमोऽध्यायः शिवलिङ्गभेदसंस्थापनादिवर्णनं सूतजी बोले — विश्वकर्मा ने प्रभु ब्रह्मा की आज्ञा से अपने… Read More